युद्ध अभ्यास 2026 में अपाचे की एंट्री से संयुक्त युद्ध क्षमता को नई धार
भारत और अमेरिका के बीच जारी संयुक्त सैन्य अभ्यास युद्ध अभ्यास 2026 में भारतीय सेना के AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर भी शामिल हुए हैं। यह अभ्यास 15 सितंबर 2026 को शुरू हुआ और 28 सितंबर 2026 तक चलेगा। राजस्थान और उत्तराखंड में हो रहे इस अभ्यास में दोनों देशों की सेनाएं अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों में संयुक्त प्रशिक्षण कर रही हैं, जिससे जमीनी और हवाई समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है।
रेगिस्तान से ऊंचाई वाले इलाके तक संयुक्त प्रशिक्षण
युद्ध अभ्यास 2026 का आयोजन दो ऐसे स्थानों पर किया जा रहा है, जहां युद्धक प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग तरह की चुनौतियां मिलती हैं। राजस्थान का महाजन फील्ड फायरिंग रेंज रेगिस्तानी परिस्थितियों के लिए उपयुक्त है, जबकि उत्तराखंड का औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाके में प्रशिक्षण का अवसर देता है। इस तरह सैनिकों को मरुस्थलीय, अर्ध-पर्वतीय और उच्च पर्वतीय वातावरण में संचालन का अनुभव मिल रहा है।
अपाचे हेलीकॉप्टरों की भूमिका क्यों अहम है
भारतीय सेना के AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर संयुक्त मिशन योजना, युद्धक्षेत्र समन्वय, समेकित युद्धाभ्यास और सटीक प्रहार से जुड़े प्रशिक्षण में हिस्सा ले रहे हैं। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में इन हेलीकॉप्टरों की गतिविधि 19 और 21 सितंबर 2026 को देखी गई। अपाचे को आधुनिक युद्ध में एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म माना जाता है, क्योंकि यह न केवल हमला करने में सक्षम है, बल्कि जमीनी बलों को निकट वायु सहायता भी दे सकता है।
अभ्यास में किन क्षमताओं पर फोकस
इस संस्करण में इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स, पर्वतीय और अर्ध-पर्वतीय अभियानों, लंबी दूरी की सटीक फायरिंग और काउंटर-ड्रोन युद्ध पर विशेष जोर दिया गया है। काउंटर-ड्रोन घटक के तहत Mobile Low, Slow, Small Unmanned Aircraft Integrated Defeat System (MLIDS) जैसे सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। अपाचे हेलीकॉप्टरों से भी फायर-सपोर्ट ढांचे में योगदान की उम्मीद है, जिसमें Hellfire मिसाइलें, 70 मिमी रॉकेट और 30 मिमी चेन गन शामिल हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- युद्ध अभ्यास भारत और अमेरिका के बीच होने वाला वार्षिक द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है।
- 2026 संस्करण इस अभ्यास का 22वां संस्करण है।
- महाजन फील्ड फायरिंग रेंज राजस्थान में स्थित है और रेगिस्तानी युद्ध प्रशिक्षण के लिए उपयोग होती है।
- औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड उत्तराखंड में है और उच्च पर्वतीय सैन्य प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
AH-64E अपाचे की तकनीकी खासियत
AH-64E अपाचे एक ट्विन-इंजन अटैक हेलीकॉप्टर है, जिसे एंटी-आर्मर, टोही और सटीक हमले जैसे अभियानों के लिए विकसित किया गया है। इसमें 30 मिमी चेन गन लगी होती है और यह गाइडेड मिसाइलों तथा रॉकेटों के साथ जमीनी बलों को समर्थन दे सकता है। संयुक्त अभियानों में इसकी उपयोगिता इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि यह ग्राउंड फोर्स के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम कर सकता है।
युद्ध अभ्यास 2026 में अपाचे की भागीदारी भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग के साथ-साथ आधुनिक संयुक्त युद्धक क्षमताओं के विकास को भी दर्शाती है। रेगिस्तान और ऊंचाई वाले इलाकों में एक साथ प्रशिक्षण से दोनों सेनाओं को वास्तविक परिचालन परिस्थितियों के करीब अनुभव मिल रहा है।