मृत्यु की प्रक्रिया से बचकर ऊतक मरम्मत करने वाली DARE कोशिकाओं की खोज

मृत्यु की प्रक्रिया से बचकर ऊतक मरम्मत करने वाली DARE कोशिकाओं की खोज

वैज्ञानिकों ने एक ऐसी कोशिका-जनसंख्या की पहचान की है जो सामान्यतः कोशिका-मृत्यु की प्रक्रिया शुरू करती है, लेकिन पूरी तरह नष्ट होने के बजाय जीवित रहकर क्षतिग्रस्त ऊतक की मरम्मत में मदद करती है। इस नई कोशिका-श्रेणी को DARE cells नाम दिया गया है। यह खोज इज़राइल के Weizmann Institute of Science में हुई और 18 सितंबर 2026 को Nature Communications में प्रकाशित हुई।

DARE कोशिकाएं क्या हैं और यह खोज क्यों अहम है

DARE का अर्थ उन कोशिकाओं से है जो programmed cell death यानी apoptosis की प्रक्रिया शुरू करती हैं, लेकिन कुछ समय तक सक्रिय रहकर ऊतक पुनर्निर्माण में योगदान देती हैं। यह अवधारणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक apoptosis को मुख्यतः क्षतिग्रस्त या अनावश्यक कोशिकाओं को हटाने वाली प्रक्रिया माना जाता था। नई खोज बताती है कि कुछ परिस्थितियों में यही प्रक्रिया मरम्मत और पुनर्जनन का भी हिस्सा बन सकती है।

अध्ययन में यह भी सामने आया कि apoptosis में केंद्रीय भूमिका निभाने वाले caspases केवल कोशिका-मृत्यु को आगे बढ़ाने वाले एंजाइम नहीं हैं, बल्कि कुछ कोशिकाओं में वे जीवित रहने और ऊतक सुधार में भी सहायक हो सकते हैं।

फल मक्खी के लार्वा में मिला पुनर्जनन का संकेत

शोधकर्ताओं ने fruit fly larvae पर प्रयोग किए, क्योंकि पुनर्जनन संबंधी अध्ययनों में इनका उपयोग तेजी से परिणाम देखने के लिए किया जाता है। प्रयोगों में DARE कोशिकाओं ने विभाजित होकर क्षतिग्रस्त ऊतक का लगभग आधा हिस्सा 48 घंटे के भीतर भर दिया। यह परिणाम दर्शाता है कि कोशिका-मृत्यु और ऊतक-निर्माण के बीच संबंध पहले सोचे गए मॉडल से अधिक जटिल है।

इसी अध्ययन-श्रृंखला से यह संकेत भी मिला कि DARE कोशिकाओं की अगली पीढ़ी यानी descendants, आगे चलकर कोशिका-मृत्यु के प्रति सात गुना अधिक प्रतिरोधी हो सकती है। यह खोज पुनर्जनन जीवविज्ञान के साथ-साथ कैंसर अनुसंधान के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि कुछ ट्यूमर में यही जीवित रहने वाली राह उपचार-प्रतिरोध और पुनरावृत्ति से जुड़ सकती है।

भारत में हुई समान दिशा की खोज और व्यापक वैज्ञानिक संदर्भ

इससे पहले 27 अगस्त 2025 को भारत के CSIR-Centre for Cellular and Molecular Biology (CCMB) के वैज्ञानिकों ने human cells में Programmed Cell Revival (PCR) की घोषणा की थी। The EMBO Journal में प्रकाशित इस कार्य में बताया गया था कि कुछ कोशिकाएं cell-death प्रक्रिया को उलटकर घाव और जलन जैसे मॉडलों में अपनी कार्यक्षमता वापस पा सकती हैं।

लगभग 50 वर्षों से compensatory proliferation पर शोध हो रहा है, जिसमें जीवित बची कोशिकाएं विभाजित होकर खोए हुए ऊतक की भरपाई करती हैं। Weizmann Institute और CCMB के हालिया अध्ययन यह दिखाते हैं कि कोशिका-मृत्यु, जीवित रहने और ऊतक मरम्मत के बीच एक साझा जैविक नेटवर्क मौजूद हो सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • Apoptosis एक genetically controlled programmed cell death है, जो जानवरों और अन्य multicellular organisms में पाई जाती है।
  • Caspases, apoptosis में काम करने वाले प्रमुख enzymes हैं और ये cysteine proteases परिवार से संबंधित होते हैं।
  • Compensatory proliferation में बची हुई कोशिकाएं विभाजित होकर नष्ट ऊतक की भरपाई करती हैं।
  • Fruit fly larvae regeneration studies में इसलिए उपयोगी माने जाते हैं क्योंकि इनमें ऊतक मरम्मत को जल्दी देखा जा सकता है।

यह खोज कोशिका जीवविज्ञान की पारंपरिक समझ को चुनौती देती है और बताती है कि मृत्यु और पुनर्जनन के बीच की रेखा उतनी स्पष्ट नहीं है जितनी पहले मानी जाती थी। आने वाले समय में यह अध्ययन ऊतक मरम्मत, पुनर्जनन चिकित्सा और कैंसर उपचार की नई रणनीतियों के लिए आधार बन सकता है।

Originally written on September 19, 2026 and last modified on September 19, 2026.

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