सेमीकॉन इंडिया में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की साझेदारियाँ, चिप निर्माण को नई गति
सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने सेमीकंडक्टर निर्माण, सामग्री आपूर्ति, बुनियादी ढांचे, पैकेजिंग और कौशल विकास से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। ये साझेदारियाँ गुजरात के धोलेरा और असम के जगीरोड में कंपनी की इकाइयों से जुड़ी हैं, जो भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का हिस्सा हैं।
धोलेरा और जगीरोड में निर्माण ढांचे को समर्थन
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स धोलेरा में एक फैब विकसित कर रही है, जबकि जगीरोड में असेंबली और टेस्टिंग सुविधा तैयार की जा रही है। धोलेरा इकाई का संबंध फ्रंट-एंड वेफर फैब्रिकेशन से है, जबकि जगीरोड इकाई बैक-एंड असेंबली, टेस्टिंग और एडवांस्ड पैकेजिंग के लिए अहम मानी जा रही है।
इस क्रम में यूरोप की सेमीकंडक्टर कंपनी नेक्सपेरिया के साथ सहयोग योजनाओं का उल्लेख किया गया है। यह सहयोग धोलेरा में MOSFETs के फ्रंट-एंड वेफर फैब्रिकेशन और जगीरोड में डिस्क्रीट सेमीकंडक्टर उत्पादों की असेंबली व टेस्टिंग से जुड़ा है। MOSFET यानी Metal-Oxide-Semiconductor Field-Effect Transistor, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट्स में इस्तेमाल होने वाला एक मूलभूत सेमीकंडक्टर डिवाइस है।
सामग्री, इंफ्रास्ट्रक्चर और पैकेजिंग पर फोकस
जापान की सुमितोमो केमिकल ने धोलेरा फैब के लिए भारत के सेमीकंडक्टर मटेरियल इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से MoU किया है। इसमें उच्च-शुद्धता वाले रसायनों की आपूर्ति और संभावित स्थानीय निर्माण का समर्थन शामिल है। सेमीकंडक्टर प्रोसेसिंग में ऐसे रसायनों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि यहां सूक्ष्म स्तर पर भी प्रदूषण नियंत्रण जरूरी होता है।
मलेशिया की इंजीनियरिंग कंपनी केलिंगटन ने क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर डिप्लॉयमेंट, सिस्टम इंटीग्रेशन, इंजीनियरिंग क्षमताओं और स्थानीय प्रतिभा के प्रशिक्षण के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ साझेदारी की है। सेमीकंडक्टर फैब में क्लीनरूम संचालन, यूटिलिटीज और प्रोसेस रेडीनेस के लिए इस तरह का समर्थन आवश्यक माना जाता है।
जापान की एनोमोटो कंपनी जगीरोड सुविधा में एडवांस्ड सेमीकंडक्टर पैकेजिंग क्षमताओं को मजबूत करने और लीड फ्रेम निर्माण के स्थानीयकरण की संभावनाएं तलाशने के लिए जुड़ी है। लीड फ्रेम सेमीकंडक्टर पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले धातु घटक होते हैं, जो चिप को बाहरी सर्किट से जोड़ते हैं।
डिजाइन, तकनीक और कौशल विकास की दिशा
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने सेमी-कंडक्टर लैबोरेटरी और गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथ भी सहयोग की बात कही है। यह सहयोग चिप डिजाइन सेवाओं, तकनीक नोड सक्षमकरण, सप्लाई चेन स्थानीयकरण और कार्यबल कौशल विकास से जुड़ा है। सेमी-कंडक्टर लैबोरेटरी भारत सरकार की एक प्रमुख सेमीकंडक्टर संस्था है, जबकि गति शक्ति विश्वविद्यालय परिवहन और लॉजिस्टिक्स शिक्षा पर केंद्रित केंद्रीय विश्वविद्यालय है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सेमीकॉन इंडिया भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण और इकोसिस्टम विकास से जुड़ा राष्ट्रीय मंच है।
- धोलेरा गुजरात में और जगीरोड असम में स्थित है।
- MOSFET इलेक्ट्रॉनिक्स में सबसे अधिक उपयोग होने वाले सेमीकंडक्टर डिवाइसों में से एक है।
- लीड फ्रेम निर्माण सेमीकंडक्टर पैकेजिंग तकनीक का हिस्सा है।
इन समझौतों से स्पष्ट है कि भारत अब केवल चिप असेंबली तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि सामग्री, डिजाइन, निर्माण और कौशल—चारों स्तरों पर अपनी क्षमता मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।