मुंबई में बनेगा एकीकृत फिल्म और टेलीविजन मीडिया हब
महाराष्ट्र सरकार ने 3 जून 2026 को मुंबई में एक एकीकृत फिल्म और टेलीविजन मीडिया हब स्थापित करने के लिए विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) के गठन को मंजूरी दे दी है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना मुंबई के मलाड क्षेत्र में स्थित लगभग 150 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी, जो वर्तमान में प्रसार भारती के अंतर्गत आने वाले ऑल इंडिया रेडियो की 278 एकड़ भूमि का हिस्सा है। इस पहल का उद्देश्य मुंबई को वैश्विक स्तर पर मीडिया, मनोरंजन और फिल्म निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाना है।
परियोजना की संरचना और साझेदार संस्थाएं
इस परियोजना के लिए प्रसार भारती, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम तथा महाराष्ट्र फिल्म, थिएटर एवं सांस्कृतिक विकास निगम के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। परियोजना के संचालन और विकास के लिए एक विशेष प्रयोजन वाहन यानी एसपीवी का गठन किया जाएगा। एसपीवी एक अलग कानूनी इकाई होती है, जिसे किसी विशेष परियोजना या परिसंपत्ति के विकास और प्रबंधन के लिए बनाया जाता है। इससे परियोजना के वित्तीय और प्रशासनिक संचालन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
मीडिया हब में क्या-क्या सुविधाएं होंगी?
प्रस्तावित मीडिया हब को एक आधुनिक मनोरंजन और मीडिया गंतव्य के रूप में विकसित करने की योजना है। इसमें अत्याधुनिक फिल्म स्टूडियो, साउंड स्टेज, आतिथ्य सुविधाएं, सूचना प्रौद्योगिकी और आईटीईएस अवसंरचना, पर्यटन परियोजनाएं तथा फिल्म और संगीत प्रशिक्षण केंद्र शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त यह हब फिल्म निर्माण, पोस्ट-प्रोडक्शन, तकनीकी सेवाओं और अन्य सहायक गतिविधियों के लिए एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध कराएगा। इससे फिल्म उद्योग के साथ-साथ रोजगार सृजन और निवेश को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
रणनीतिक स्थान और नियामकीय चुनौतियां
यह परियोजना मुंबई के प्रसिद्ध गोरेगांव फिल्म सिटी के निकट स्थित है, जिसे आधिकारिक रूप से Dadasaheb Phalke Chitranagari के नाम से जाना जाता है। यह क्षेत्र पहले से ही भारतीय फिल्म और टेलीविजन उद्योग का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। हालांकि, प्रस्तावित भूमि वर्तमान में नो-डेवलपमेंट ज़ोन और कोस्टल रेगुलेशन ज़ोन के अंतर्गत आती है। इसलिए परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न वैधानिक अनुमतियों, नियमों में संशोधन और विकास नियंत्रण विनियमों में आवश्यक बदलावों की आवश्यकता होगी।
प्रशासनिक और नियोजन प्रक्रिया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने परियोजना के लिए पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन और विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने हेतु एक परामर्शदाता संस्था नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और तकनीकी कार्यों के लिए एक संयुक्त कार्य समिति का गठन किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य जून 2026 के अंत तक परियोजना की विकास योजना को अंतिम रूप देना है, ताकि आवश्यक अनुमतियों और प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा किया जा सके।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- Prasar Bharati भारत का सार्वजनिक प्रसारण संस्थान है, जो ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन का संचालन करता है।
- मलाड और गोरेगांव मुंबई के प्रमुख क्षेत्र हैं और फिल्म उद्योग की गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।
- दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी गोरेगांव फिल्म सिटी का आधिकारिक नाम है।
- कोस्टल रेगुलेशन ज़ोन नियम भारत के तटीय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के लिए लागू किए जाते हैं।
- विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) किसी विशेष परियोजना के विकास और प्रबंधन के लिए बनाई जाने वाली स्वतंत्र कानूनी इकाई होती है।
मुंबई में प्रस्तावित एकीकृत फिल्म और टेलीविजन मीडिया हब भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना साबित हो सकता है। आधुनिक स्टूडियो, तकनीकी अवसंरचना, प्रशिक्षण सुविधाओं और पर्यटन विकास के संयोजन से यह परियोजना न केवल फिल्म निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देगी, बल्कि मुंबई को वैश्विक मनोरंजन उद्योग के मानचित्र पर और अधिक मजबूत स्थिति प्रदान करेगी।