मुंबई में पहली बार होगा साइबरटेक एशिया का आयोजन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 9 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि साइबरटेक एशिया का आयोजन पहली बार भारत में होगा। दो दिवसीय सम्मेलन और प्रदर्शनी 17–18 मार्च 2027 को मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की जाएगी।
एशिया के साइबर सुरक्षा क्षेत्र को एक मंच
साइबरटेक एशिया मुंबई 2027 में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों, तकनीकी नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों के शामिल होने की योजना है। आयोजन का उद्देश्य साइबर सुरक्षा और डिजिटल नवाचार से जुड़े लोगों को एक साझा मंच पर लाना है। घोषणा के समय विस्तृत कार्यक्रम और भाग लेने वाले संगठनों की जानकारी जारी नहीं की गई थी।
महा-साइबर और उभरती तकनीकों पर चर्चा
यह घोषणा फडणवीस, साइबरटेक ग्लोबल के संस्थापक अमीर रापापोर्ट और इजराइल के महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच के बीच हुई बैठक के बाद की गई। बैठक 9 अक्टूबर को दक्षिण मुंबई स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास पर हुई। इसमें महाराष्ट्र सरकार की महा-साइबर पहल, उभरती तकनीकों और साइबर सुरक्षा के तरीकों पर चर्चा हुई।
महाराष्ट्र की डिजिटल सुरक्षा पहल
महा-साइबर महाराष्ट्र सरकार का ढाँचा और नोडल एजेंसी है, जिसका काम राज्य में डिजिटल खतरों तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी की जाँच, रोकथाम और मुकाबला करना है। साइबर सुरक्षा में कंप्यूटर प्रणालियों, नेटवर्क और डिजिटल जानकारी को अनधिकृत पहुँच, बाधा या नुकसान से बचाने के उपाय शामिल होते हैं। साइबरटेक ग्लोबल की स्थापना 2014 में हुई थी। यह साइबर सुरक्षा और डिजिटल नवाचार पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों तथा प्रदर्शनियों का मंच संचालित करता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- साइबरटेक एशिया मुंबई 2027 का आयोजन 17–18 मार्च 2027 को निर्धारित है।
- कार्यक्रम का स्थल मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर है।
- साइबरटेक ग्लोबल की स्थापना 2014 में हुई थी और इसका मुख्य फोकस साइबर सुरक्षा तथा डिजिटल नवाचार है।
- महा-साइबर महाराष्ट्र सरकार की वह पहल और नोडल एजेंसी है जो राज्य में डिजिटल खतरों तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी से निपटती है।
भारत में इस आयोजन का पहला संस्करण मुंबई को साइबर सुरक्षा और डिजिटल नवाचार से जुड़े क्षेत्रीय विमर्श का मंच बनाएगा। इसके विस्तृत कार्यक्रम और प्रतिभागियों की जानकारी सामने आने पर आयोजन की रूपरेखा अधिक स्पष्ट होगी।