दुशांबे में एससीओ बैठक: भारत की आर्थिक और क्षेत्रीय प्राथमिकताएँ

दुशांबे में एससीओ बैठक: भारत की आर्थिक और क्षेत्रीय प्राथमिकताएँ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 19 और 20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की सरकार प्रमुखों की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। बैठक में सदस्य देश आर्थिक सहयोग और संगठन से जुड़े संस्थागत मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

बैठक के एजेंडे में आर्थिक सहयोग और संपर्क

दुशांबे बैठक का एजेंडा व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संपर्क व्यवस्था, नवाचार और सांस्कृतिक-मानवीय आदान-प्रदान जैसे विषयों पर केंद्रित है। सदस्य देशों की सरकारें अब तक शुरू की गई सहयोग पहलों की समीक्षा करेंगी और संगठन की वित्तीय तथा संस्थागत कार्यप्रणाली से जुड़े निर्णयों पर विचार करेंगी।

भारत एससीओ के विभिन्न मंचों पर स्टार्टअप और नवाचार, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तथा लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में भागीदारी करता है। इन विषयों पर संवाद से सदस्य देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है। सरकार प्रमुखों की परिषद की बैठक इसी व्यापक आर्थिक सहयोग पर विचार-विमर्श का मंच है।

एससीओ की क्षेत्रीय भूमिका

एससीओ की स्थापना 2001 में शंघाई में चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने की थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य बने। ईरान 2023 में और बेलारूस 2024 में संगठन में शामिल हुआ। इस तरह एससीओ में कुल दस सदस्य देश हैं।

संगठन क्षेत्रीय सहयोग के साथ आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से जुड़ी चुनौतियों पर सदस्य देशों के बीच समन्वय भी करता है। इसकी स्थायी संस्थाओं में बीजिंग स्थित सचिवालय और ताशकंद स्थित क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना (आरएटीएस) शामिल हैं। आरएटीएस इन तीनों चुनौतियों के विरुद्ध सहयोग का समन्वय करती है। एससीओ की आधिकारिक भाषाएँ चीनी और रूसी हैं।

भारत की भागीदारी और संगठन की व्यवस्था

एससीओ में सरकार प्रमुखों की परिषद आर्थिक सहयोग पर विचार करती है और संगठन के बजट को मंजूरी देती है। इसके विपरीत, राष्ट्राध्यक्षों की परिषद संगठन का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है। एससीओ का चार्टर 2002 में हस्ताक्षरित हुआ था। इसमें संगठन के उद्देश्य, सिद्धांत और संस्थागत ढाँचे का उल्लेख है।

सरकार प्रमुखों की पिछली बैठक 18 नवंबर 2025 को मॉस्को में हुई थी, जहाँ भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया था। 2026 की बैठक में राजनाथ सिंह की भागीदारी भारत की ओर से इस मंच पर निरंतर सहभागिता को दर्शाती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एससीओ की स्थापना 2001 में शंघाई में छह देशों ने की थी।

  • एससीओ सचिवालय बीजिंग में और आरएटीएस ताशकंद में स्थित है।

  • भारत और पाकिस्तान 2017 में एससीओ के पूर्ण सदस्य बने।

  • एससीओ की आधिकारिक भाषाएँ चीनी और रूसी हैं।

दुशांबे बैठक में आर्थिक और संस्थागत मुद्दों पर होने वाली चर्चा एससीओ के भीतर सहयोग की दिशा तय करने में अहम होगी। भारत की भागीदारी से क्षेत्रीय संवाद में उसकी भूमिका भी सामने आएगी।

Originally written on October 19, 2026 and last modified on October 19, 2026.

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