भारत 6जी संगोष्ठी में वैश्विक सहयोग और मानकों पर जोर

भारत 6जी संगोष्ठी में वैश्विक सहयोग और मानकों पर जोर

नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि में तीसरी अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी संगोष्ठी 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हो रही है। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 8 अक्टूबर को इसका उद्घाटन किया। भारत 6जी गठबंधन की ओर से आयोजित यह संगोष्ठी इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के साथ हो रही है। इसमें 6जी की वैश्विक परिकल्पना, मानक, परीक्षण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा की जा रही है।

6जी और आईएमटी-2030 का महत्व

6जी मोबाइल संचार प्रणालियों की छठी पीढ़ी के लिए प्रचलित नाम है। अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) ने 5जी के बाद की अंतरराष्ट्रीय मोबाइल दूरसंचार व्यवस्था के लिए आईएमटी-2030 नामक रूपरेखा तय की है। नवंबर 2023 में स्वीकृत आईटीयू की सिफारिश एम.2160-0 इस रूपरेखा और उसके व्यापक उद्देश्यों को सामने रखती है।

6जी पर अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को नेटवर्क के मूल ढांचे में शामिल करने, स्पेक्ट्रम के उपयोग, संचार तकनीकों और नेटवर्क को अधिक टिकाऊ बनाने जैसे विषय शामिल हैं। संगोष्ठी के कार्यक्रम में इन पहलुओं के साथ परीक्षण, परीक्षण-स्थल, उद्योग में उपयोग और भावी मानकों पर विचार-विमर्श हो रहा है। अभी यह शोध और विकास का क्षेत्र है; इसलिए इसे 5जी का तत्काल विकल्प मानने के बजाय अगली पीढ़ी की संचार व्यवस्था की तैयारी के रूप में देखना उचित है।

भारतीय 6जी पारिस्थितिकी तंत्र की तैयारी

भारत 6जी गठबंधन उद्योग, शिक्षण संस्थानों, अनुसंधान संगठनों और सरकार से जुड़े हितधारकों को एक मंच पर लाता है। इसका कार्य 6जी से संबंधित अनुसंधान एवं विकास, मानकों और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता में सहयोग बढ़ाना है। संगोष्ठी में नीति-निर्माताओं, दूरसंचार कंपनियों, वैश्विक प्रौद्योगिकी गठबंधनों, उद्योग प्रतिनिधियों और शैक्षणिक व शोध संस्थानों की भागीदारी है।

इस आयोजन का महत्व केवल तकनीकी चर्चा तक सीमित नहीं है। 6जी के मानक और परीक्षण भविष्य में उपकरणों तथा नेटवर्क के विकास की दिशा तय करने में भूमिका निभा सकते हैं। भारत के लिए वैश्विक सहयोग से अनुसंधान साझा करने और मानक-निर्माण की चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी के अवसर बनते हैं। कार्यक्रम में वास्तविक उपयोगों और परीक्षण-स्थलों पर चर्चा इस तकनीक को शोध से व्यावहारिक अनुप्रयोगों की ओर ले जाने की तैयारी को दर्शाती है।

समझौते और संगोष्ठी की प्रमुख उपलब्धियां

उद्घाटन के अवसर पर भारत 6जी गठबंधन ने जीएसएमए, वन6जी एसोसिएशन, जीटीआई एलायंस लिमिटेड, 6जी इंडस्ट्री फोरम और वॉइस के साथ पांच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। गठबंधन के कार्यसमूहों द्वारा तैयार नौ श्वेतपत्र भी जारी किए गए। इसके अतिरिक्त, नई दिल्ली घोषणा के 6जी सिद्धांतों की प्रगति, उनसे जुड़ी कार्रवाई, परिणाम और आगे की दिशा पर एक संयुक्त रिपोर्ट का पहला संस्करण जारी हुआ। यह संस्करण अक्टूबर 2026 का है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आईएमटी-2030, 5जी के बाद की अंतरराष्ट्रीय मोबाइल दूरसंचार व्यवस्था के लिए आईटीयू की रूपरेखा है।
  • आईटीयू की सिफारिश एम.2160-0 नवंबर 2023 में स्वीकृत हुई थी।
  • तीसरी अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी संगोष्ठी 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक यशोभूमि, द्वारका में आयोजित हुई।
  • 8 अक्टूबर को भारत 6जी गठबंधन ने पांच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए और नौ श्वेतपत्र जारी किए।

संगोष्ठी से स्पष्ट है कि 6जी की तैयारी में तकनीकी अनुसंधान के साथ साझा मानक, परीक्षण और वैश्विक साझेदारी भी अहम हैं।

Originally written on October 9, 2026 and last modified on October 9, 2026.

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