महिंद्रा डीबीएस ग्रीन डीलर फाइनेंसिंग
महिंद्रा एंड महिंद्रा और डीबीएस बैंक इंडिया ने 19 मई 2026 को भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में पहली सस्टेनेबिलिटी-लिंक्ड डीलर फाइनेंसिंग पहल शुरू की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकृत महिंद्रा डीलरशिप को पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस मानकों के आधार पर बेहतर ऋण शर्तें उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
इस योजना के तहत महिंद्रा के अधिकृत डीलर यात्री और वाणिज्यिक वाहनों की खरीद के लिए ऋण लेते समय बेहतर ब्याज दरों का लाभ उठा सकते हैं। यह लाभ केवल वित्तीय प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि डीलरशिप के सस्टेनेबिलिटी प्रदर्शन, बिक्री लक्ष्यों और तय मानकों पर आधारित होगा।
पर्यावरणीय मानकों पर जोर
डीलरशिप का मूल्यांकन ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन, पानी की खपत, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, वर्षा जल संचयन, कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक ईवी चार्जिंग सुविधा और इलेक्ट्रिक एसयूवी की बिक्री जैसे मानकों पर किया जाएगा। इससे डीलर नेटवर्क को पर्यावरण-अनुकूल कारोबार की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
स्कोप 3 उत्सर्जन से जुड़ा महत्व
स्कोप 3 उत्सर्जन किसी कंपनी की वैल्यू चेन में होने वाला अप्रत्यक्ष उत्सर्जन होता है। इसमें आपूर्तिकर्ता, वितरक और डीलर नेटवर्क शामिल होते हैं। महिंद्रा इस पहल के जरिए अपने डीलर नेटवर्क को डीकार्बोनाइजेशन प्रक्रिया में शामिल करना चाहती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” ईएसजी का पूरा अर्थ पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस होता है। ” स्कोप 3 उत्सर्जन ग्रीनहाउस गैस प्रोटोकॉल की उत्सर्जन श्रेणी का हिस्सा है। ” वर्षा जल संचयन जल संरक्षण की एक महत्वपूर्ण पद्धति है। ” सार्वजनिक ईवी चार्जिंग सुविधा भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम का अहम हिस्सा है। यह पहल भारत में ऑटोमोबाइल वित्तपोषण को केवल कारोबार विस्तार तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे टिकाऊ विकास से जोड़ती है। महिंद्रा और डीबीएस बैंक इंडिया का यह मॉडल भविष्य में अन्य कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।