मलयालम अभिनेता सलीम कुमार का निधन
मलयालम फिल्म उद्योग के लोकप्रिय अभिनेता Salim Kumar का 6 जून 2026 को कोच्चि में 56 वर्ष की आयु में निधन हो गया। तीन दशकों से अधिक लंबे अपने फिल्मी करियर में उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और हास्य तथा चरित्र भूमिकाओं के माध्यम से दर्शकों के बीच विशेष पहचान बनाई। उनके निधन से भारतीय सिनेमा, विशेषकर मलयालम फिल्म जगत को बड़ी क्षति पहुंची है।
मलयालम सिनेमा में सलीम कुमार का योगदान
सलीम कुमार मुख्य रूप से मलयालम फिल्मों में सक्रिय रहे और अपनी विशिष्ट अभिनय शैली के लिए जाने जाते थे। उन्होंने हास्य कलाकार के रूप में लोकप्रियता हासिल की, लेकिन समय के साथ गंभीर और भावनात्मक भूमिकाओं में भी अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मलयालम सिनेमा, जो केरल की फिल्म उद्योग के रूप में जाना जाता है, भारत के प्रमुख क्षेत्रीय फिल्म उद्योगों में से एक है। सलीम कुमार ने इस उद्योग के विकास और लोकप्रियता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके कई किरदार आज भी दर्शकों के बीच याद किए जाते हैं।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित
सलीम कुमार के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक वर्ष 2010 में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त करना था। उन्हें यह सम्मान Adaminte Makan Abu में उनके प्रभावशाली अभिनय के लिए दिया गया था। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारत के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म सम्मानों में गिने जाते हैं और इन्हें भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। यह उपलब्धि सलीम कुमार की अभिनय क्षमता और उनके समर्पण का प्रमाण मानी जाती है।
अंतिम दिनों और श्रद्धांजलि
निधन से पहले सलीम कुमार को कोच्चि के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे वेंटिलेटर सहायता पर थे। उन्होंने पहले लीवर प्रत्यारोपण भी कराया था और हाल के समय में निमोनिया का उपचार चल रहा था। उनका अंतिम संस्कार 7 जून 2026 को एर्नाकुलम जिले के नॉर्थ परवूर स्थित उनके आवास “लाफिंग विला” में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम संस्कार धार्मिक रीति-रिवाजों के बिना संपन्न हुआ और उनके पुत्र चंदू तथा अरोमल ने चिता को अग्नि दी। इस अवसर पर फिल्म जगत, राजनीति और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सिनेमा जगत में छोड़ी अमिट छाप
सलीम कुमार ने अपने अभिनय से यह साबित किया कि एक कलाकार केवल हास्य भूमिकाओं तक सीमित नहीं होता। उन्होंने विविध प्रकार के पात्रों को जीवंत बनाकर दर्शकों का दिल जीता। उनकी फिल्मों और अभिनय की विरासत आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों को प्रेरित करती रहेगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सलीम कुमार को वर्ष 2010 में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था।
- उन्होंने अपने करियर में 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया।
- मलयालम सिनेमा भारत के केरल राज्य से संबंधित फिल्म उद्योग है।
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारत सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रमुख फिल्म सम्मानों में शामिल हैं।
सलीम कुमार का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अपने बहुमुखी अभिनय, सरल व्यक्तित्व और यादगार भूमिकाओं के कारण वे लंबे समय तक दर्शकों और फिल्म प्रेमियों की स्मृतियों में जीवित रहेंगे।