भ्रामक दावों पर फैटएक्स का आयात पंजीकरण रद्द
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने 26 अक्टूबर 2026 को फैटएक्स सॉल्यूशन नामक इंजेक्शन योग्य सौंदर्य उत्पाद का आयात पंजीकरण रद्द कर दिया। यह कार्रवाई दिल्ली स्थित आयातक टेक्नो मिडास एस्थेटिक्स के दावों और उत्पाद के स्वीकृत लेबल में अंतर पाए जाने के बाद की गई। फैसला उसी दिन से प्रभावी हुआ।
दावों और उत्पाद की श्रेणी पर सवाल
आयातक ने फैटएक्स का प्रचार इस दावे के साथ किया था कि यह वसा कोशिकाओं को घोलता है और उनका आकार कम करता है। सीडीएससीओ के अनुसार, ऐसे दावे औषधीय प्रभाव से जुड़े हैं और इन्हें सामान्य सौंदर्य प्रसाधन के दायरे में नहीं रखा जा सकता। सौंदर्य प्रसाधन का उपयोग मुख्यतः शरीर के बाहरी हिस्से पर किया जाता है, जबकि फैटएक्स इंजेक्शन के रूप में इस्तेमाल होने वाला उत्पाद है।
नियामक ने यह भी पाया कि उत्पाद के स्वीकृत लेबल और आयातक की आधिकारिक वेबसाइट पर किए गए दावों में अंतर था। सौंदर्य प्रसाधनों के बारे में झूठे या भ्रामक दावे नियमों के अनुरूप नहीं हैं। इस मामले में कार्रवाई उत्पाद के आयात पंजीकरण से संबंधित है; इसे सभी इंजेक्शन योग्य सौंदर्य उत्पादों पर सामान्य प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
नोटिस और पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया
सीडीएससीओ ने 10 अगस्त 2026 को कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 3(aaa) और प्रसाधन सामग्री नियम, 2020 के नियम 36 के संभावित उल्लंघन का उल्लेख किया गया। नियम 36 झूठे या भ्रामक दावों को रोकने से संबंधित है। कंपनी ने 1 सितंबर को अपना जवाब दिया, लेकिन केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने उसे असंतोषजनक और निष्कर्षहीन माना।
फैटएक्स के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र संख्या आरसी/सीओएस-003300, 15 जुलाई 2022 को जारी हुआ था और 14 जुलाई 2027 तक वैध था। नियामक के निर्णय से यह प्रमाणपत्र निर्धारित समय से पहले रद्द हो गया। इससे स्पष्ट होता है कि उत्पाद के प्रचार में किए गए दावे और स्वीकृत जानकारी नियामकीय जांच का आधार बन सकते हैं।
आयात पंजीकरण और नियामक व्यवस्था
प्रसाधन सामग्री नियम, 2020 के तहत आयात पंजीकरण के लिए आवेदन फॉर्म सीओएस-1 में किया जाता है और पंजीकरण प्रमाणपत्र फॉर्म सीओएस-2 में जारी होता है। प्रसाधन सामग्री के आयात के लिए केंद्रीय स्तर पर औषधि नियंत्रक जनरल (भारत) केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण की भूमिका निभाते हैं। वहीं, निर्माण लाइसेंस देने में राज्य स्तर की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होती है।
सीडीएससीओ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अंतर्गत कार्य करता है और इसका नेतृत्व औषधि नियंत्रक जनरल (भारत) करते हैं। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 5 के तहत औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड गठित है, जो अधिनियम से जुड़े तकनीकी विषयों पर केंद्र और राज्य सरकारों को सलाह देता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
:
- प्रसाधन सामग्री के आयात पंजीकरण के लिए आवेदन फॉर्म सीओएस-1 में किया जाता है।
- आयात पंजीकरण प्रमाणपत्र फॉर्म सीओएस-2 में जारी होता है।
- औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड का गठन औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 5 के तहत किया गया है।
- सीडीएससीओ स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अंतर्गत कार्य करता है।
फैटएक्स मामले में नियामक की कार्रवाई उत्पाद के दावों, लेबल और निर्धारित कानूनी श्रेणी के बीच संगति बनाए रखने के महत्व को रेखांकित करती है।