भोगापुरम एयरपोर्ट से आंध्र प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी को नई उड़ान

भोगापुरम एयरपोर्ट से आंध्र प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी को नई उड़ान

आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में 1 अगस्त 2026 को ऑलूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह हवाई अड्डा 2014 में राज्य के विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश का पहला ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यह परियोजना राज्य की हवाई क्षमता, निवेश और क्षेत्रीय संपर्क के लिहाज से एक अहम पड़ाव मानी जा रही है।

भोगापुरम परियोजना क्यों खास है

ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा वह होता है, जिसे किसी नए और अविकसित स्थल पर बनाया जाता है, न कि पहले से मौजूद हवाई अड्डे का विस्तार करके। भोगापुरम परियोजना को जीएमआर विशाखापत्तनम इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत विकसित किया है। इस मॉडल में सरकार और निजी कंपनी, दोनों परियोजना की जिम्मेदारियां साझा करते हैं।यह हवाई अड्डा लगभग 5,640 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार हुआ है। इसकी पहली चरण की क्षमता सालाना 60 लाख यात्रियों को संभालने की है। वाणिज्यिक उड़ानें 17 अगस्त 2026 से शुरू होने की योजना है, जिसके बाद विशाखापत्तनम हवाई अड्डे पर नागरिक उड़ान संचालन बंद कर दिया जाएगा।

डिजाइन में समुद्री पहचान की झलक

हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन को उड़ती हुई मछली की थीम पर डिजाइन किया गया है। यह डिजाइन बंगाल की खाड़ी, उत्तर आंध्र की समुद्री विरासत और क्षेत्रीय पहचान को दर्शाता है। भवन में पारंपरिक रंगोली पैटर्न का भी उपयोग किया गया है, जिससे आधुनिक ढांचे में स्थानीय सांस्कृतिक तत्वों का समावेश दिखाई देता है।सरकारी जानकारी के अनुसार, यह हवाई अड्डा अपनी मूल समय-सीमा से लगभग पांच महीने पहले तैयार हो गया। इसे भारत के सबसे तेजी से पूर्ण हुए ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में से एक बताया जा रहा है।

आंध्र प्रदेश के विकास एजेंडे में इसका महत्व

प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान राज्य भर में 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई। इससे स्पष्ट है कि भोगापुरम हवाई अड्डा केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश के व्यापक बुनियादी ढांचा विकास का हिस्सा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आंध्र प्रदेश का पुनर्गठन 2014 में हुआ था, जब पुराने राज्य का विभाजन किया गया।
  • ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा नए स्थल पर बनाया जाता है, जबकि ब्राउनफील्ड परियोजना मौजूदा ढांचे के विस्तार से जुड़ी होती है।
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी में सरकारी निकाय और निजी कंपनी मिलकर परियोजना को आगे बढ़ाते हैं।
  • विशाखापत्तनम हवाई अड्डे पर नागरिक उड़ान संचालन भोगापुरम स्थानांतरण के बाद बंद किया जाएगा।

भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शुरू होने से उत्तर आंध्र और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। यह परियोजना राज्य के विमानन ढांचे और आर्थिक गतिविधियों दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

Originally written on August 1, 2026 and last modified on August 1, 2026.

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