भारत-स्पेन के बीच UPI-Bizum लिंक से डिजिटल भुगतान को नई राह
भारत और स्पेन ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और स्पेन की मोबाइल भुगतान प्रणाली Bizum के बीच तकनीकी इंटरऑपरेबिलिटी पर बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह पहल दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान को अधिक सहज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, खासकर उन यात्रियों और कारोबारियों के लिए जो सीमा-पार लेनदेन में तेज, सुरक्षित और कम जटिल भुगतान विकल्प चाहते हैं।यह चर्चा जुलाई 2026 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की स्पेन यात्रा के दौरान हुई। इस दौरान भुगतान प्रणाली के साथ-साथ निवेश सुविधा, पेशेवर गतिशीलता और लैटिन अमेरिका में संयुक्त निवेश जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई। भारत और स्पेन के बीच यह पहल डिजिटल कनेक्टिविटी के बढ़ते महत्व को दर्शाती है, जहां भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़कर आर्थिक संबंधों को और मजबूत किया जा रहा है।
UPI और Bizum: दोनों प्रणालियों की भूमिका
UPI भारत की रीयल-टाइम डिजिटल भुगतान प्रणाली है, जिसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने विकसित किया है। यह मोबाइल ऐप के जरिए तुरंत बैंक-से-बैंक ट्रांसफर की सुविधा देती है। UPI का उपयोग व्यापारी भुगतान, व्यक्ति-से-व्यक्ति लेनदेन और QR कोड आधारित भुगतान में व्यापक रूप से होता है।दूसरी ओर, Bizum स्पेन की एक मोबाइल भुगतान सेवा है, जो भागीदार बैंकों के माध्यम से तत्काल खाते-से-खाते ट्रांसफर की सुविधा देती है। स्पेन में यह प्रणाली कई बैंकों के जरिए उपयोग की जाती है और घरेलू डिजिटल भुगतान ढांचे का अहम हिस्सा है।
UPI-Bizum इंटरऑपरेबिलिटी क्यों अहम है
UPI और Bizum के बीच प्रस्तावित लिंक का उद्देश्य सीमा-पार डिजिटल लेनदेन को आसान बनाना है। यदि यह तकनीकी जुड़ाव आगे बढ़ता है, तो भारत और स्पेन के बीच यात्रा करने वाले लोगों, छोटे व्यवसायों और व्यापारिक संस्थानों को भुगतान में अधिक सुविधा मिल सकती है।इंटरऑपरेबिलिटी का अर्थ है दो अलग-अलग घरेलू भुगतान प्रणालियों का आपस में जुड़कर अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को संभव बनाना। यह व्यवस्था पारंपरिक बैंकिंग चैनलों की तुलना में तेज और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल हो सकती है। भारत पहले ही कई देशों के साथ UPI की स्वीकार्यता बढ़ा चुका है, जिससे उसकी डिजिटल भुगतान कूटनीति को नई पहचान मिली है।
भारत की UPI अंतरराष्ट्रीय पहुंच
भारत ने UPI को कई विदेशी बाजारों में स्वीकार्य बनाने की दिशा में काम किया है। इनमें सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, श्रीलंका, भूटान, नेपाल और कतर जैसे देश शामिल हैं। यह विस्तार भारत की उस व्यापक नीति का हिस्सा है, जिसके तहत डिजिटल भुगतान प्रणालियों को वैश्विक स्तर पर अधिक सुलभ और परस्पर जुड़ा बनाया जा रहा है।UPI की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता न केवल भारतीय यात्रियों के लिए उपयोगी है, बल्कि यह भारत की फिनटेक क्षमता और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की वैश्विक छवि को भी मजबूत करती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- UPI की शुरुआत भारत में 2016 में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने की थी।
- Bizum स्पेन की मोबाइल भुगतान सेवा है, जो तत्काल खाते-से-खाते ट्रांसफर की सुविधा देती है।
- क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट इंटरऑपरेबिलिटी का मतलब है दो देशों की भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ना।
- भारत ने UPI को एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप के कई देशों में स्वीकार्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
भारत-स्पेन के बीच UPI-Bizum बातचीत डिजिटल भुगतान के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक और संकेत है। यदि यह तकनीकी सहयोग आगे बढ़ता है, तो यह दोनों देशों के बीच आर्थिक संपर्क को और सहज बना सकता है तथा सीमा-पार भुगतान को भविष्य में अधिक तेज, सरल और भरोसेमंद बना सकता है।