भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी पर अबू धाबी में चर्चा
भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा 7 मई 2026 को विदेश सचिव विक्रम मिस्री की अबू धाबी यात्रा के दौरान की गई। इस यात्रा में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, रक्षा, प्रौद्योगिकी और पश्चिम एशिया की क्षेत्रीय स्थिति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने अपने संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी
भारत और यूएई ने वर्ष 2017 में अपने संबंधों को “कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक बढ़ाया था। यह साझेदारी राजनीतिक, आर्थिक, ऊर्जा, सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई क्षेत्रों को शामिल करती है। संयुक्त अरब अमीरात पश्चिम एशिया में भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है। दोनों देशों के बीच कच्चे तेल, तरलीकृत प्राकृतिक गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में व्यापक सहयोग जारी है।
अबू धाबी में प्रमुख बैठकें
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी से मुलाकात कर विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने मुबाडाला इन्वेस्टमेंट कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी खलदून अल मुबारक से भी मुलाकात की। इस बैठक में निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग पर चर्चा हुई। मुबाडाला इन्वेस्टमेंट कंपनी अबू धाबी की प्रमुख संप्रभु निवेश संस्था है, जो ऊर्जा, एयरोस्पेस, स्वास्थ्य, सेमीकंडक्टर और उन्नत तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश करती है।
भारत-फ्रांस-यूएई त्रिपक्षीय ढांचा
विक्रम मिस्री ने भारत-फ्रांस-यूएई त्रिपक्षीय ढांचे के अंतर्गत आयोजित बैठक में भी भाग लिया। इस बैठक में यूएई की रीम अल हाशिमी और फ्रांस के यूरोप एवं विदेश मामलों के मंत्रालय के महासचिव मार्टिन ब्रिएंस शामिल हुए। यह त्रिपक्षीय व्यवस्था वर्ष 2023 में ऊर्जा, जलवायु, रक्षा और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। बैठक में त्रिपक्षीय सहयोग के लिए संरचित रोडमैप पर चर्चा हुई और जनवरी 2026 में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान तथा फरवरी 2026 में क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्राओं के दौरान लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की गई।
क्षेत्रीय और वैश्विक संदर्भ
यह यात्रा फुजैराह में हुए हमलों के बाद हुई, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए थे। फुजैराह संयुक्त अरब अमीरात के सात अमीरातों में से एक है और यह ओमान की खाड़ी के तट पर स्थित है। भारत और यूएई ने पश्चिम एशिया की क्षेत्रीय स्थिति और अन्य वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” संयुक्त अरब अमीरात में कुल सात अमीरात शामिल हैं। ” अबू धाबी संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी है। ” भारत और यूएई के बीच राजनयिक संबंध वर्ष 1972 में स्थापित हुए थे। ” भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा वर्ष 2017 में की गई थी। भारत और यूएई के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी केवल व्यापार और ऊर्जा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रक्षा, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सहयोग को नई दिशा दे रही है। पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच दोनों देशों का सहयोग भविष्य में और अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।