भारत में पहला सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम

भारत में पहला सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम

भारत सरकार ने देश में पहला सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) को मंजूरी दी है। यह परियोजना टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा गुजरात के धोलेरा में स्थापित की जाएगी। लगभग 91,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली यह पहल भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत बनाने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।

परियोजना का स्वरूप और निवेश का पैमाना

यह सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट गुजरात के धोलेरा में 66.16 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना से लगभग 21,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है, जो इसे भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल करता है। वाणिज्य विभाग द्वारा इस SEZ को अधिसूचित किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार उच्च-प्रौद्योगिकी उद्योगों के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करने पर जोर दे रही है।

नीतिगत सुधार और उद्योग को बढ़ावा

सरकार ने जून 2025 में SEZ नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए थे, जिनका उद्देश्य सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करना है। इन बदलावों के तहत न्यूनतम भूमि आवश्यकता को 50 हेक्टेयर से घटाकर 10 हेक्टेयर कर दिया गया, जिससे कंपनियों के लिए ऐसे संयंत्र स्थापित करना आसान हो गया। यह सुधार भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का विस्तार

टाटा के इस प्लांट के अलावा, सरकार ने चार अन्य सेमीकंडक्टर संबंधित SEZ प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड लगभग 13,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है और इससे 20,000 से अधिक रोजगार उत्पन्न होने की संभावना है। वहीं केयन्स सेमिकॉन लिमिटेड और सीजी सेमी लिमिटेड क्रमशः 681 करोड़ और 2,150 करोड़ रुपये के निवेश के साथ असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ये सभी परियोजनाएं मिलकर भारत में एक संपूर्ण सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) ऐसे क्षेत्र होते हैं जहां अलग आर्थिक नियम लागू होते हैं ताकि निवेश और निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके।
  • सेमीकंडक्टर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे स्मार्टफोन, कंप्यूटर और वाहनों के लिए अत्यंत आवश्यक घटक हैं।
  • गुजरात का धोलेरा क्षेत्र एक उभरता हुआ औद्योगिक और स्मार्ट सिटी हब है।
  • भारत सरकार का लक्ष्य महत्वपूर्ण तकनीकों में आत्मनिर्भरता हासिल करना और आयात पर निर्भरता कम करना है।

अंततः, यह पहल भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करती है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती मांग और आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों के बीच, यह परियोजना भारत को एक विश्वसनीय विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है और आने वाले वर्षों में उच्च तकनीकी उद्योगों में देश की भूमिका को और मजबूत बनाएगी।

Originally written on April 16, 2026 and last modified on April 16, 2026.

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