भारत में परिवहन योजना को एकीकृत करने की नई पहल

भारत में परिवहन योजना को एकीकृत करने की नई पहल

केंद्र सरकार ने देश के परिवहन और लॉजिस्टिक्स ढांचे को अधिक समन्वित और डेटा-आधारित बनाने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) के गठन को मंजूरी दी है। यह निकाय शोध, योजना, परियोजना मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन जैसे कामों के लिए एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) के रूप में काम करेगा। इसका उद्देश्य अलग-अलग मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच बंटी हुई परिवहन योजना को एक साझा ढांचे में लाना है।

परिवहन योजना में समन्वय की नई व्यवस्था

ITLA का सबसे अहम काम राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान तैयार करना होगा, जिसकी योजना अवधि 10 वर्ष या उससे अधिक होगी। इस मास्टर प्लान में सड़क, रेलवे, बंदरगाह, नागरिक उड्डयन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय नौवहन, शहरी गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स जैसे सभी प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे। इसके साथ ही यह निकाय लगभग पांच साल की अल्पकालिक क्षेत्रीय योजनाओं और वार्षिक योजनाओं की भी समीक्षा करेगा, ताकि वे दीर्घकालिक मास्टर प्लान के अनुरूप रहें।

बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की तकनीकी जांच

नई अथॉरिटी 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली केंद्र सरकार की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की तकनीकी जांच करेगी। हालांकि वित्तीय मूल्यांकन पहले की तरह मौजूदा वित्तीय आकलन तंत्र के माध्यम से ही होगा। इस व्यवस्था से परियोजनाओं की तकनीकी तैयारी, क्रियान्वयन क्षमता और विभिन्न परिवहन माध्यमों के बीच तालमेल को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

डेटा, नीति और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी पर फोकस

ITLA का एक बड़ा काम राष्ट्रीय परिवहन डेटा रिपॉजिटरी बनाना होगा, जिसमें माल ढुलाई और स्रोत-गंतव्य विश्लेषण से जुड़े आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। इसमें जीएसटीएन ई-वे बिल, फास्टैग, वाहन, जीपीएस-आधारित प्रणालियों और शहरी ट्रैफिक सिस्टम जैसे स्रोतों के डेटा को जोड़ा जाएगा। इससे परिवहन प्रवाह, भीड़भाड़, लॉजिस्टिक्स लागत और नेटवर्क की दक्षता को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।

इसके अलावा यह निकाय राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति की समीक्षा और अद्यतन पर भी सलाह देगा। साथ ही क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, कौशल विकास, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने में भी इसकी भूमिका होगी। सरकार का यह कदम मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और अलग-अलग परिवहन माध्यमों को एकीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • SPV यानी विशेष प्रयोजन वाहन किसी खास उद्देश्य या परियोजना के लिए बनाई गई अलग संस्थागत संरचना होती है।
  • तकनीकी मूल्यांकन और वित्तीय मूल्यांकन, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की जांच के दो अलग चरण होते हैं।
  • FASTag भारत में राजमार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली है।
  • वाहन (Vahan) भारत का राष्ट्रीय वाहन पंजीकरण डेटाबेस है, जो परिवहन तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ITLA के गठन से उम्मीद है कि भारत की परिवहन योजना अधिक एकीकृत, डेटा-संचालित और दीर्घकालिक दृष्टि वाली बनेगी। इससे लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने और विभिन्न परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद मिल सकती है।

Originally written on October 7, 2026 and last modified on October 7, 2026.

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