भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते से निर्यात को शून्य शुल्क का लाभ

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते से निर्यात को शून्य शुल्क का लाभ

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर 2026 से लागू हो गया है। इसके तहत न्यूजीलैंड ने भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया है, जबकि भारत ने न्यूजीलैंड से आने वाले चुनिंदा उत्पादों पर चरणबद्ध शुल्क रियायतें देना शुरू किया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 19 अक्टूबर को समझौते के लागू होने की घोषणा की थी।

भारतीय निर्यात को मिला व्यापक बाजार लाभ

न्यूजीलैंड में भारतीय वस्तुओं को अब सभी शुल्क-श्रेणियों में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। इसका लाभ कपड़ा और परिधान, चमड़ा एवं जूते, दवा, इंजीनियरिंग उत्पाद तथा प्रसंस्कृत खाद्य जैसे क्षेत्रों को मिल सकता है। शुल्क-मुक्त पहुंच से इन उत्पादों की कीमत प्रतिस्पर्धी होने और न्यूजीलैंड के बाजार में भारतीय निर्यातकों की पहुंच बढ़ने की संभावना है।

भारत की रियायतें अलग-अलग उत्पादों के लिए तय शुल्क-श्रेणियों पर लागू होंगी। समझौते में भारत ने अपनी 70 प्रतिशत शुल्क-श्रेणियों पर रियायत देने की प्रतिबद्धता जताई है। ये श्रेणियां मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार के मूल्य का करीब 95 प्रतिशत हिस्सा समेटती हैं। 20 अक्टूबर से 57 प्रतिशत शुल्क-श्रेणियों पर शुल्क-मुक्त पहुंच शुरू हुई है, जो रियायतों के चरणबद्ध लागू होने के साथ बढ़कर 82 प्रतिशत होगी।

व्यापार और निवेश बढ़ाने का लक्ष्य

समझौते का उद्देश्य वस्तुओं और सेवाओं में दोनों देशों के व्यापार को मौजूदा लगभग 2.4 अरब डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक करीब 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर करना है। यह राशि लगभग 35,000 करोड़ रुपये के बराबर बताई गई है। न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सुगम बनाने की प्रतिबद्धता भी जताई है।

शुल्क-श्रेणी किसी देश की सीमा-शुल्क सूची में किसी खास उत्पाद का वर्गीकरण होती है। इसलिए व्यापार समझौतों में रियायतें हर वस्तु पर एक जैसी नहीं होतीं; वे उत्पाद और लागू होने की अवधि के अनुसार बदल सकती हैं।

पेशेवरों और विद्यार्थियों के लिए आवागमन के अवसर

समझौते में उच्च कौशल वाले भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थायी रोजगार प्रवेश वीजा की श्रेणियां बनाई गई हैं। भारतीय पीएचडी स्नातकों को पढ़ाई के बाद चार वर्ष तक काम करने के विस्तारित अधिकार मिलेंगे। भारतीय नागरिकों के लिए कार्य-अवकाश योजना 16 नवंबर 2026 से प्रभावी होगी, जबकि अन्य निर्दिष्ट आवागमन प्रावधान 20 अक्टूबर से लागू हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारत-न्यूजीलैंड समझौता भारत का 17वां क्रियाशील मुक्त व्यापार समझौता है।
  • यह 2026 से पहले के पांच वर्षों में लागू होने वाला भारत का सातवां व्यापार समझौता है।
  • भारत ने क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी के सभी सदस्य देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं, चीन को छोड़कर।
  • समझौते की वार्ता 16 मार्च 2025 को शुरू हुई, 22 दिसंबर 2025 को पूरी हुई और इस पर 27 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षर हुए। दोनों देशों ने 21 सितंबर 2026 तक इसकी पुष्टि की।

यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए न्यूजीलैंड में शुल्क-मुक्त पहुंच बढ़ाने के साथ निवेश और पेशेवरों के आवागमन को भी प्रोत्साहित करता है। इसके वास्तविक लाभ व्यापार के विस्तार और रियायतों के चरणबद्ध क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे।

Originally written on October 20, 2026 and last modified on October 20, 2026.

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