भारत-अमेरिका व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य

भारत-अमेरिका व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य

भारत और अमेरिका ने अगले तीन वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 20–21 अक्टूबर 2026 को मुंबई में यह लक्ष्य साझा किया। दोनों देशों के बीच अब तक का व्यापार रिकॉर्ड 240 अरब डॉलर से अधिक है।

व्यापार में तेज वृद्धि की तैयारी

500 अरब डॉलर का लक्ष्य मौजूदा रिकॉर्ड के दोगुने से भी अधिक है। इसे हासिल करने के लिए वस्तुओं के साथ सेवाओं के कारोबार को भी विस्तार देना होगा। द्विपक्षीय व्यापार में दो देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान शामिल होता है। वस्तुओं के व्यापार में भौतिक उत्पाद आते हैं, जबकि सेवाओं में सूचना प्रौद्योगिकी और वित्तीय सेवाओं जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका साझेदारी मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। मुंबई में 500 से अधिक बड़ी अमेरिकी कंपनियां काम करती हैं, जिनमें गूगल और आईबीएम शामिल हैं। भारत का यह प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र दोनों देशों के कारोबारी संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भारत का वस्तु व्यापार और सहयोग के क्षेत्र

वित्त वर्ष 2025–26 में भारत ने अमेरिका को 87.31 अरब डॉलर की वस्तुओं का निर्यात किया, जबकि वहां से 53.45 अरब डॉलर का आयात किया। इस आधार पर भारत का वस्तु व्यापार अधिशेष 33.86 अरब डॉलर रहा। यह आंकड़ा केवल वस्तुओं के व्यापार से जुड़ा है; इसे वस्तुओं और सेवाओं सहित कुल द्विपक्षीय व्यापार के बराबर नहीं मानना चाहिए। भारत का वित्त वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलता है।

दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, रक्षा और उन्नत प्रौद्योगिकी को आर्थिक सहयोग के प्रमुख क्षेत्र बताया है। सूची में सुपरइंटेलिजेंस भी शामिल है। इन क्षेत्रों में सहयोग से व्यापार विस्तार के साथ प्रौद्योगिकी और आपूर्ति संबंधों को मजबूत करने की संभावना है।

प्रस्तावित व्यापार समझौते की रूपरेखा

भारत और अमेरिका ने फरवरी 2026 में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के शुरुआती चरण की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया था। इसमें वस्त्र, चमड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद और दवा क्षेत्र शामिल हैं। 21 अक्टूबर 2026 तक ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब हैं। इसे पहले के समझौतों से अलग बताया गया है, हालांकि इसके विस्तृत प्रावधानों की जानकारी यहां नहीं दी गई है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • वित्त वर्ष 2025–26 में भारत का अमेरिका को वस्तु निर्यात 87.31 अरब डॉलर रहा।
  • इसी अवधि में अमेरिका से भारत का वस्तु आयात 53.45 अरब डॉलर था।
  • व्यापार समझौते के शुरुआती चरण की रूपरेखा फरवरी 2026 में तय हुई।
  • अमेरिका के साथ व्यापार को 500 अरब डॉलर से अधिक करने की समय-सीमा तीन वर्ष है।

लक्ष्य की दिशा में प्रगति व्यापार समझौते की अंतिम रूपरेखा और पहचाने गए क्षेत्रों में वास्तविक सहयोग पर निर्भर करेगी।

Originally written on October 21, 2026 and last modified on October 21, 2026.

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