भारत ने E30 तक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के नए मानक किए लागू

भारत ने E30 तक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के नए मानक किए लागू

भारत ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए E30 तक के नए पेट्रोल मानकों को अधिसूचित कर दिया है। भारतीय मानक ब्यूरो यानी Bureau of Indian Standards ने 18 मई 2026 को राजपत्र अधिसूचना जारी की, जिसमें E22, E25, E27 और E30 पेट्रोल मिश्रणों के लिए मानक निर्धारित किए गए हैं। इन मिश्रणों में क्रमशः 22%, 25%, 27% और 30% एथेनॉल शामिल होगा। यह फैसला भारत की स्वच्छ ईंधन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता नीति को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

एथेनॉल मिश्रण क्या होता है

एथेनॉल मिश्रण का अर्थ पेट्रोल में निर्जल एथेनॉल मिलाना होता है, जिसका उपयोग स्पार्क इग्निशन यानी पॉजिटिव इग्निशन इंजन वाले वाहनों में किया जाता है। वर्तमान में भारत में E20 यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब नए मानकों के जरिए E30 तक के मिश्रणों के लिए तकनीकी आधार तैयार किया गया है। निर्जल एथेनॉल वह एथेनॉल होता है जिसमें पानी की मात्रा बहुत कम होती है और इसे ईंधन मिश्रण के लिए उपयुक्त माना जाता है। सरकार लंबे समय से एथेनॉल ब्लेंडिंग को आयातित तेल पर निर्भरता कम करने और प्रदूषण घटाने के उपाय के रूप में बढ़ावा दे रही है।

नए मानकों का तकनीकी महत्व

नए बीआईएस मानक 15 मई 2026 से प्रभावी माने जाएंगे। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि E30 पेट्रोल तुरंत पूरे देश में उपलब्ध हो जाएगा। ये मानक मुख्य रूप से भविष्य में उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए तकनीकी ढांचा तैयार करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं। फ्लेक्स-फ्यूल वाहन ऐसे वाहन होते हैं जो विभिन्न प्रकार के ईंधन मिश्रणों, विशेष रूप से अधिक एथेनॉल वाले ईंधन पर चल सकते हैं। सरकार E85 और E100 जैसे उच्च एथेनॉल मिश्रणों की व्यवहार्यता पर भी विचार कर रही है। E85 में 85 प्रतिशत एथेनॉल जबकि E100 में 100 प्रतिशत एथेनॉल होता है।

वाहन उद्योग और अनुसंधान

पेट्रोलियम मंत्रालय ने Automotive Research Association of India को E25 ईंधन के प्रभाव का अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी है। यह अध्ययन E10 और E20 मानकों के अनुरूप मौजूदा वाहनों पर किया जा रहा है। इसमें वाहन की माइलेज, इंजन की आयु और प्रदर्शन पर प्रभाव का मूल्यांकन शामिल है। उद्योग संगठन All India Distillers’ Association ने नए बीआईएस मानकों का स्वागत किया है। संगठन का कहना है कि यह कदम भारत के एथेनॉल ब्लेंडिंग रोडमैप को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय लाभ

एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने से भारत को कच्चे तेल के आयात में कमी लाने में मदद मिल सकती है। साथ ही इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने और कृषि आधारित जैव ईंधन उद्योग को बढ़ावा देने का लक्ष्य भी पूरा होगा। सरकार का मानना है कि उच्च एथेनॉल मिश्रण भविष्य में हरित ऊर्जा परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • Bureau of Indian Standards भारत का राष्ट्रीय मानक निर्धारण संस्थान है।
  • E20 का अर्थ 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल होता है।
  • फ्लेक्स-फ्यूल वाहन कई प्रकार के ईंधन मिश्रणों पर चल सकते हैं।
  • पॉजिटिव इग्निशन इंजन स्पार्क के माध्यम से ईंधन को जलाते हैं।
  • भारत ने अब E22, E25, E27 और E30 के लिए नए पेट्रोल मानक अधिसूचित किए हैं।

भारत द्वारा E30 तक के नए पेट्रोल मानकों को अधिसूचित किया जाना देश की हरित ऊर्जा नीति और जैव ईंधन कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। आने वाले समय में यह पहल ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और वैकल्पिक ईंधन तकनीकों को नई दिशा दे सकती है।

Originally written on May 20, 2026 and last modified on May 20, 2026.

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