भारत की रूफटॉप सोलर क्षमता 20.8 गीगावाट पहुंची

भारत की रूफटॉप सोलर क्षमता 20.8 गीगावाट पहुंची

भारत की रूफटॉप सोलर क्षमता वर्ष 2025 में बढ़कर 20.8 गीगावाट हो गई है। इस दौरान 7.1 गीगावाट की नई स्थापना दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 123 प्रतिशत अधिक है। देश में घरेलू क्षेत्र ने इस वृद्धि में सबसे बड़ी भूमिका निभाई और कुल वार्षिक रूफटॉप सोलर स्थापना में इसकी हिस्सेदारी 76 प्रतिशत रही। इस विस्तार के पीछे प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

क्या है रूफटॉप सोलर प्रणाली

रूफटॉप सोलर उन सौर ऊर्जा प्रणालियों को कहा जाता है जो भवनों की छतों पर लगाए गए फोटोवोल्टिक पैनलों के माध्यम से बिजली उत्पन्न करती हैं। इनका उपयोग घरों, व्यावसायिक भवनों, संस्थानों और औद्योगिक परिसरों में किया जाता है। यह प्रणाली ग्रिड से जुड़ी हो सकती है या बैटरी स्टोरेज के साथ भी संचालित की जा सकती है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की भूमिका

केंद्र सरकार ने 29 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को मंजूरी दी थी। इस योजना के लिए ₹75,021 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 तक एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर प्रणाली स्थापित करना है। योजना के तहत लाभार्थियों को प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

स्थापना के आंकड़े और राज्यों की स्थिति

9 दिसंबर 2025 तक इस योजना के तहत 19,45,758 रूफटॉप सोलर प्रणालियां स्थापित की जा चुकी थीं, जिससे 24,35,196 घरों को लाभ मिला। असम में इसी अवधि तक 63,887 रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए। महाराष्ट्र ने 2025 में नई रूफटॉप सोलर स्थापना में 16 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की, जबकि गुजरात और उत्तर प्रदेश का योगदान क्रमशः लगभग 16 प्रतिशत और 15 प्रतिशत रहा।

यूटिलिटी-लेड एग्रीगेशन मॉडल

मई 2026 में 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 13 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्रणालियों के लिए यूटिलिटी-लेड एग्रीगेशन मॉडल को मंजूरी मिली। इस मॉडल के तहत ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन और दीव में स्थापना कार्य शुरू हो चुका है। बिहार, केरल, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान ने भी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रस्ताव भेजे हैं।

हरित ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा

रूफटॉप सोलर प्रणाली देश में स्वच्छ और विकेंद्रीकृत ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देती है। इससे बिजली बिल में कमी, कार्बन उत्सर्जन में गिरावट और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलता है। सरकार का लक्ष्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारत की क्षमता को तेजी से बढ़ाना है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

” रूफटॉप सोलर में भवनों की छतों पर फोटोवोल्टिक पैनल लगाए जाते हैं। ” प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को 29 फरवरी 2024 को मंजूरी मिली थी। ” इस योजना का कुल वित्तीय प्रावधान ₹75,021 करोड़ है। ” भारत की रूफटॉप सोलर क्षमता 2025 में 20.8 गीगावाट पहुंच गई। भारत में रूफटॉप सोलर क्षमता में तेज वृद्धि देश की हरित ऊर्जा नीति की सफलता को दर्शाती है। सरकारी योजनाओं और तकनीकी विस्तार के माध्यम से आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में और अधिक प्रगति की संभावना जताई जा रही है।

Originally written on May 23, 2026 and last modified on May 23, 2026.

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