भारत-अमेरिका तकनीकी साझेदारी को नई रफ्तार, TRUST फेलोशिप शुरू

भारत-अमेरिका तकनीकी साझेदारी को नई रफ्तार, TRUST फेलोशिप शुरू

भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक प्रौद्योगिकी सहयोग को नई दिशा देने के लिए बेंगलुरु में U.S.-India TRUST Fellowship की शुरुआत की गई। यह कार्यक्रम अमेरिकी शोधकर्ताओं को भारतीय संस्थानों के साथ मिलकर काम करने का अवसर देगा और दोनों देशों के बीच अनुसंधान साझेदारी को मजबूत करेगा।

TRUST फ्रेमवर्क से जुड़ी नई पहल

TRUST का पूरा नाम Transforming the Relationship Utilizing Strategic Technology है। यह फेलोशिप उसी द्विपक्षीय TRUST फ्रेमवर्क से जुड़ी है, जिसकी घोषणा 13 फरवरी 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। यह व्यवस्था भारत-अमेरिका तकनीकी साझेदारी में पहले से मौजूद iCET यानी Initiative on Critical and Emerging Technology की जगह आई है।

इस बदलाव का संकेत यह है कि दोनों देश अब उभरती और रणनीतिक तकनीकों पर अधिक संरचित सहयोग की ओर बढ़ रहे हैं। फेलोशिप इसी व्यापक ढांचे का एक व्यावहारिक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शोध, नवाचार और संस्थागत संपर्क को बढ़ाना है।

फेलोशिप की संरचना और चयन

यह कार्यक्रम अधिकतम 20 अमेरिकी पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ताओं और शुरुआती करियर वाले फैकल्टी सदस्यों के लिए बनाया गया है। चयनित फेलो 12 महीने तक भारत के संस्थानों में सहयोगात्मक शोध करेंगे।

कार्यक्रम में दो तरह की स्टाइपेंड व्यवस्था रखी गई है। पोस्टडॉक्टोरल फेलो को हर महीने 1,650 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे, जबकि IIT मद्रास में असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर के विजिटिंग फैकल्टी ट्रैक पर चुने गए असाधारण उम्मीदवारों को 3,650 अमेरिकी डॉलर प्रतिमाह दिए जाएंगे।

कौन से संस्थान और किन क्षेत्रों पर फोकस

इस फेलोशिप के लिए तीन भारतीय संस्थानों को होस्ट संस्थान के रूप में चुना गया है—भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास और मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE)

शोध के प्रमुख क्षेत्र भी रणनीतिक महत्व वाले हैं। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, जैव प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, रक्षा और अंतरिक्ष शामिल हैं। ये सभी क्षेत्र भविष्य की तकनीकी प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय क्षमता निर्माण से सीधे जुड़े माने जाते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • TRUST का पूरा नाम Transforming the Relationship Utilizing Strategic Technology है।
  • यह फेलोशिप भारत-अमेरिका के TRUST फ्रेमवर्क से जुड़ी है, जिसकी घोषणा 13 फरवरी 2025 को हुई थी।
  • कार्यक्रम के लिए तीन होस्ट संस्थान हैं: IISc बेंगलुरु, IIT मद्रास और MAHE
  • शोध के प्रमुख क्षेत्र हैं: AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक, ऊर्जा, रक्षा और अंतरिक्ष

फेलोशिप की फंडिंग निजी परोपकारी स्रोतों—Pratiksha Trust और Mazumdar Shaw Philanthropy—से समर्थित है। इसी घोषणा के साथ बेंगलुरु में U.S. Commercial Service का विस्तार भी किया गया, जो भारत में आर्थिक और तकनीकी संपर्कों को और अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में एक संकेत माना जा रहा है।

Originally written on September 7, 2026 and last modified on September 7, 2026.

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