हैदराबाद से 400वां अपाचे फ्यूजलेज, भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमता को नई पहचान
टाटा बोइंग एयरोस्पेस लिमिटेड (TBAL) ने हैदराबाद स्थित अपने संयंत्र से AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर का 400वां मेड इन इंडिया फ्यूजलेज 7 सितंबर 2026 को डिलीवर किया। यह उपलब्धि भारत में रक्षा विनिर्माण के विस्तार और वैश्विक एयरोस्पेस सप्लाई चेन में देश की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
अपाचे फ्यूजलेज क्या होता है और क्यों अहम है
फ्यूजलेज किसी भी विमान या हेलीकॉप्टर का मुख्य ढांचा होता है। इसमें कॉकपिट, एवियोनिक्स और कई जरूरी सिस्टम लगाए जाते हैं। अपाचे जैसे अटैक हेलीकॉप्टर के लिए यह संरचना बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसी पर उड़ान, नियंत्रण और मिशन सिस्टम की कार्यक्षमता निर्भर करती है। AH-64E अपाचे को बोइंग ने विकसित किया है और यह कई देशों की सेनाओं में उपयोग में लाया जाता है, जिनमें अमेरिकी सेना भी शामिल है।
TBAL की हैदराबाद इकाई में अपाचे फ्यूजलेज का निर्माण रोबोटिक्स और ऑटोमेशन की मदद से किया जाता है। यह संयंत्र 52,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है और इसमें 750 से अधिक इंजीनियर तथा तकनीशियन काम करते हैं।
TBAL की उत्पादन यात्रा और भारत में अपाचे बेड़ा
TBAL की स्थापना 2016 में बोइंग और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) के संयुक्त उपक्रम के रूप में हुई थी। कंपनी ने 1 जून 2018 को अपना पहला मेड इन इंडिया अपाचे फ्यूजलेज डिलीवर किया था। इसके बाद 10 फरवरी 2025 को 300वां फ्यूजलेज और अब 2026 में 400वां फ्यूजलेज डिलीवर किया गया है।
भारत में अपाचे हेलीकॉप्टरों का घरेलू बेड़ा भी लगातार मजबूत हुआ है। भारतीय वायुसेना के पास 22 अपाचे हेलीकॉप्टर हैं, जबकि भारतीय सेना को 2025 में छह अपाचे हेलीकॉप्टर मिले। इस तरह देश में कुल घरेलू अपाचे बेड़ा 28 हेलीकॉप्टरों का है।
रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका
यह उपलब्धि केवल एक औद्योगिक मील का पत्थर नहीं है, बल्कि भारत की रक्षा उत्पादन नीति में निजी क्षेत्र की भागीदारी का भी संकेत है। अपाचे फ्यूजलेज भारत में बनकर वैश्विक असेंबली लाइनों तक पहुंचते हैं, जिनमें अमेरिकी सेना के लिए तैयार होने वाले विमान भी शामिल हैं। इससे भारत की सप्लाई चेन क्षमता, गुणवत्ता मानक और उच्च तकनीकी निर्माण कौशल की पुष्टि होती है।
इसी व्यापक परिदृश्य में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और अन्य भारतीय कंपनियां मिसाइल प्रणालियों, विमान संरचनाओं और रक्षा आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं। यह रुझान भारत को आत्मनिर्भर रक्षा विनिर्माण की दिशा में आगे ले जाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- AH-64E Apache एक अटैक हेलीकॉप्टर है, जिसे बोइंग ने विकसित किया है।
- टाटा बोइंग एयरोस्पेस लिमिटेड (TBAL) बोइंग और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है।
- TBAL का हैदराबाद संयंत्र 52,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है।
- भारत में बने अपाचे फ्यूजलेज वैश्विक असेंबली लाइनों को सप्लाई किए जाते हैं।
400वें फ्यूजलेज की डिलीवरी भारत के एयरोस्पेस निर्माण में निरंतर प्रगति का संकेत है। यह उपलब्धि दिखाती है कि देश अब केवल रक्षा उपकरणों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उच्च तकनीक वाले रक्षा घटकों का महत्वपूर्ण निर्माता भी बन रहा है।