भारतीय स्किमर संरक्षण में परवीन शेख को व्हिटली अवॉर्ड 2026

भारतीय स्किमर संरक्षण में परवीन शेख को व्हिटली अवॉर्ड 2026

भारतीय वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है, जहां संरक्षणवादी परवीन शेख को वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित व्हिटली अवॉर्ड प्रदान किया गया है। यह सम्मान उनके द्वारा संकटग्रस्त भारतीय स्किमर पक्षी के संरक्षण के लिए किए गए सामुदायिक प्रयासों के लिए दिया गया है। यह उपलब्धि न केवल उनके कार्य को वैश्विक पहचान दिलाती है, बल्कि भारत में जमीनी स्तर पर किए जा रहे संरक्षण प्रयासों की अहमियत को भी उजागर करती है।

सामुदायिक भागीदारी से संरक्षण को नई दिशा

व्हिटली अवॉर्ड, जिसे अक्सर “ग्रीन ऑस्कर” कहा जाता है, उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने वन्यजीव संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान दिया हो। परवीन शेख का कार्य इस दृष्टि से विशेष है क्योंकि उन्होंने स्थानीय समुदायों को संरक्षण प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल किया। बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के तहत किए गए उनके प्रयासों ने यह साबित किया कि जब स्थानीय लोग संरक्षण का हिस्सा बनते हैं, तो परिणाम अधिक प्रभावी और स्थायी होते हैं।

भारतीय स्किमर: संकटग्रस्त नदी पक्षी

भारतीय स्किमर एक अनोखा पक्षी है, जिसकी पहचान उसकी नारंगी चोंच और जल की सतह के ऊपर उड़ते हुए मछलियां पकड़ने की खास शैली से होती है। यह पक्षी मुख्य रूप से नदियों के रेतीले टापुओं और किनारों पर घोंसला बनाता है, जिससे यह जलस्तर में बदलाव, मानवीय गतिविधियों और आवास नष्ट होने के खतरे के प्रति बेहद संवेदनशील हो जाता है। विश्व की लगभग 90% स्किमर आबादी भारत में पाई जाती है, जिसकी संख्या करीब 3000 के आसपास मानी जाती है।

‘गार्डियंस ऑफ द स्किमर’ पहल का प्रभाव

परवीन शेख की ‘गार्डियंस ऑफ द स्किमर’ पहल ने चंबल नदी क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2017 में जहां इस क्षेत्र में स्किमर की संख्या लगभग 400 थी, वहीं 2025 तक यह बढ़कर करीब 1000 हो गई। इसके साथ ही, घोंसलों की सुरक्षा दर में भी काफी सुधार हुआ है। यह संभव हुआ स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी और निरंतर निगरानी के कारण, जिन्होंने प्रजनन स्थलों की रक्षा में अहम भूमिका निभाई।

प्रयागराज में विस्तार और भविष्य की योजनाएं

व्हिटली अवॉर्ड से प्राप्त फंडिंग के माध्यम से इस संरक्षण मॉडल को अब प्रयागराज क्षेत्र तक विस्तारित किया जाएगा, जहां गंगा और यमुना नदियों का संगम होता है। इस क्षेत्र में नावों की आवाजाही, मछली पकड़ने का दबाव और प्रदूषण जैसी चुनौतियां मौजूद हैं। नई योजना के तहत स्थानीय संरक्षकों की नियुक्ति, शिकारी-रोधी उपाय और जीपीएस आधारित घोंसला निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे चंबल जैसी सफलता यहां भी दोहराई जा सके।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारतीय स्किमर एक नदी-आधारित पक्षी है जो मुख्यतः भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाता है।
  • व्हिटली अवॉर्ड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जमीनी संरक्षण कार्यों के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित सम्मान है।
  • चंबल नदी कई संकटग्रस्त प्रजातियों जैसे घड़ियाल और डॉल्फिन का महत्वपूर्ण आवास है।
  • वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भागीदारी सफलता की कुंजी मानी जाती है।

परवीन शेख का यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह दर्शाता है कि सामुदायिक सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ मिलकर जैव विविधता की रक्षा संभव है। आने वाले समय में इस मॉडल का विस्तार अन्य क्षेत्रों में भी संरक्षण के नए आयाम स्थापित कर सकता है।

Originally written on May 1, 2026 and last modified on May 1, 2026.

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