भारतीय धरोहर स्थल
भारत में यूनेस्को द्वारा निर्धारित कुल 37 धरोहर स्थल हैं जो इटली (54), चीन (53), स्पेन (47), फ़्रांस (44), जर्मनी (44) के बाद सर्वाधिक हैं। भारत दक्षिण एशिया का सबसे ज्यादा धरोहर स्थलों वाला देश है और चीन के बाद भारत में सबसे ज्यादा धरोहर स्थल हैं।
भारत के धरोहर स्थल इस प्रकार हैं-
सांस्कृतिक धरोहर स्थल
भारत में 29 सांस्कृतिक धरोहर स्थल हैं।
1- आगरा का लाल किला
यह उत्तर प्रदेश के आगरा नगर में स्थित है। आगरा का लाल किला अकबर द्वारा बनवाया गया। इसमें जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब द्वारा बनवाई गयी इमारतें भी हैं। आगरा के लाल किले को 1983 में युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
2- अजंता की गुफाएँ
अजंता की गुफाएँ महाराष्ट्र प्रदेश के औरंगाबाद जिले में स्थित है। इनका निर्माण दूसरी शताब्दी से छठी शताब्दी तक हुआ। इनका अधिकांश निर्माण गुप्तकाल में हुआ। अजंता की गुफाओं की चित्रकारी बहुत खूबसूरत है। इसमें 31 गुफाएँ हैं जो बौध्द धर्म से संबन्धित हैं। इन्हें 1983 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
3- एलोरा की गुफाएँ
एलोरा की गुफाएँ महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित है। यह हिन्दू, बौध्द और जैन धर्म से संबन्धित हैं। इनका निर्माण छठी शताब्दी से दसवीं शताब्दी तक हुआ। इसमें राष्ट्रकूट राजा कृष्ण प्रथम द्वारा बनवाया गया कैलाश मंदिर बहुत प्रसिद्ध है जो एक विशाल चट्टान को काटकर बनवाया गया। एलोरा की गुफाओं को 1983 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
4- ताजमहल
ताजमहल उत्तर प्रदेश के आगरा नगर में स्थित है। यह एक मकबरा है और इसका निर्माण मुगल शासक शाहजहाँ ने अपनी बेगम मुमताज़ की याद में कराया। यह विश्व के सात आश्चर्यो में से एक है। यह सफ़ेद संगमरमर से बना है और इसे बनाने में 20 वर्ष का समय लगा। ताजमहल को 1983 में विश्व धरोहर घोषित किया गया।
5- कोणार्क का सूर्य मंदिर
यह ओडिशा के पुरी जिले के कोणार्क में स्थित है। यह सूर्य के रथ की तरह बनाया गया है। इसे ब्लैक पैगोड़ा भी कहा जाता है। इसे पूर्व गंग वंश के राजा नरसिंहदेव प्रथम ने बनवाया था। इसका निर्माण तेरहवीं सदी में हुआ। इसे 1984 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
6- महाबलीपुरम के स्मारक
महाबलीपुरम भारत के तमिलनाडू प्रदेश में स्थित है। यहाँ रथ मंदिर, मंडप, 11 गुफाएँ स्थित हैं जिनका निर्माण 7वीं और 8वीं सदी में हुआ। इन्हें 1984 में विश्व धारिहार स्थल घोषित किया गया।
7- गोवा के चर्च और कान्वेंट
ये गोवा के वेलहा गोवा में स्थित हैं। यहाँ कई चर्च और कान्वेंट स्थित हैं जो युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किए गए हैं। इन्हें 1986 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
8- खजुराहो के स्मारक
खजुराहो मध्य प्रदेश में स्थित है। खजुराहो चंदेल वंश के राजपूत राजाओं की राजधानी थी जिनका राज्य बुंदेलखंड में था। इनका निर्माण 950 ई से 1050 ई तक हुआ। यह मुख्य रूप से हिन्दू और जैन धर्म से संबन्धित हैं। यहाँ 85 मंदिर स्थित हैं। इन्हें 1986 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
9- हम्पी के स्मारक
हम्पी कर्नाटक के बल्लरी जिले में स्थित हैं। इनका निर्माण विजयनगर साम्राज्य के दौरान हुआ। हम्पी विजयनगर की राजधानी थी। यहाँ का विरूपाक्ष मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। इन्हें 1986 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
10- फ़तेहपुर सीकरी
फतेहपुर सीकरी उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में स्थित है। अकबर ने फ़तेहपुर सीकरी को अपनी राजधानी बनवाया। यहाँ अनेक इमारतें हैं जिनमें जामा मस्जिद, बुलंद दरवाजा, पंचमहल, सलीम चिश्ती का मकबरा प्रमुख हैं। इसे अंग्रेज़ यात्री राल्फ फिच ने 1585 में लंदन से बड़ा शहर बताया था। इसे 1986 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
11- पट्टदकाल के स्मारक
पट्टदकल कर्नाटक के बगलकोट जिले में स्थित है। यह हिंदू और जैन धर्म के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ शिव का पापनाथ मन्दिर और जैन धर्म का जैन नारायण मंदिर प्रसिद्ध है। इन्हें 1987 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
12- एलिफैण्टा की गुफाएँ
यह महाराष्ट्र में मुंबई शहर से 10 किमी की दूरी पर स्थित हैं। इनका निर्माण 5वीं से 8वीं सदी के बीच हुआ। यह हिन्दू और बौध्द धर्म के लिए प्रसिद्ध हैं। इन्हें 1987 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
13- महान चोल मंदिर
ये तमिलनाडू में स्थित हैं। इनका निर्माण चोल साम्राज्य के दौरान हुआ। इनका निर्माण 11वीं और 12वीं सदी में हुआ। इसमें तंजावुर का बृहदेश्वर मन्दिर, दरसुरम का ऐरावतेश्वर मंदिर, गंगईकोंड का बृहदेस्वर मंदिर प्रसिद्ध हैं। इन्हें 1987 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
14- सांची के बुध्द स्मारक
यह मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 45 किमी दूर स्थित है। इसमें अशोक द्वारा बनवाया गया सांची स्तूप बहुत प्रसिद्ध है। इन्हें 1989 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
15- हुमायूँ का मकबरा
हुमायूँ का मकबरा दिल्ली में स्थित है। इसे अकबर के समय हुमायूँ की विधवा हाजी बेगम ने बनवाया। इसका निर्माण 1572 में हुआ। इसे 1993 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
16- कुतुबमीनार और स्मारक
कुतुबमीनार दिल्ली में स्थित है। इसका निर्माण कुटुबुद्दीन ऐबक ने शुरू कराया और इलतुतमीश ने पूर्ण कराया। यह 238 फुट ऊंची मीनार है। इसके अलावा यहाँ महरोली का गुप्त स्तम्भ भी है जो गुप्तकाल का है। इस लौह स्तम्भ में आज तक जंग नहीं लगी है। यहाँ अलाई दरवाजा और कुतुब-उल-इस्लाम मस्जिद भी है। इन्हें 1993 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
17- भारत की पहाड़ी रेलवे
इसमें दार्जीलिंग हिमालय रेलवे को 1999 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया। नीलगिरी पहाड़ी रेलवे को 2005 में जबकि कालका-शिमला रेलवे को 2008 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
18- महाबोधि मंदिर कॉम्प्लेक्स
यह बिहार के बोधगया में स्थित है। इसमें तीसरी सदी ईस्वी पूर्व, पाँचवीं सदी ईस्वी पूर्व, छठी शतबाड़ी और उन्नीसवीं शताब्दी में बनाए गए मंदिर हैं। सबसे पुराना मंदिर बोधिवृक्ष के पास अशोक द्वारा बनवाया गया मन्दिर है। इसके अलावा यहाँ अनेक मंदिर हैं। इन्हें 2002 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
19- भीमबेटका पत्थर की गुफाएँ
ये 30,000 साल पुरानी गुफाएँ हैं।यह मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में स्थित गुफाएँ हैं। इन्हें मध्य पाषाण काल की गुफाएँ बताया गया है। इन्हें 2003 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
20- छत्रपति शिवाजी टर्मिनस
यह मुंबई में स्थित एक रेलवे स्टेशन है जिसे ब्रिटिश काल में बनाया गया। यह मध्य रेलवे का मुख्यालय है। यह 25,400 एकड़ में फैला हुआ है। इनको फ़्रेडरिक विलियम स्टीवन्स नमक आर्किटेक्ट ने डिजाइन किया था। 2 जुलाई 2004 को इसे युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
21- चंपानेर पावागढ़ पुरातत्व उद्यान
इसमें प्राचीन हिन्दू साम्राज्य की राजधानी और आठवीं से सोलहवीं शताब्दी के अवशेष मौजूद हैं। इसमें पावागढ़ की पहाड़ी पर स्थित कालिका माता मंदिर है। इसे 2004 में विश्व धरोहर एसटीएचएल घोषित किया गया।
22- दिल्ली का लाल किला
दिल्ली का लाल किला शाहजहाँ द्वारा बनवाया गया। इसका नाम शाहजहानाबाद रखा गया। इसके पास सलीमगढ़ किला है, जिसे 1546 में इस्लाम शाह सूरी ने बनवाया। लाल किले का निर्माण 1639 से 1648 तक हुआ। लाल किला कॉम्प्लेक्स में लाल किला, सलीमगढ़ किला, दीवान-ए-खास, दीवान-ए-आम, मोती मस्जिद, नहर-ए- बेहिशीत स्थित हैं। इसे 2007 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
23- जंतर मंतर, जयपुर
इन्हें आमेर के राजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने बनवाया। इसे 1727 से 1734 तक बनवाया गया। इसका कार्य खगोलीय गणना करना है। इसे 2010 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
24- राजस्थान के पहाड़ी किले
इनका निर्माण सातवीं सदी से सोलहवीं सदी तक राजपूत राजाओं ने कराया। इसमें चित्तौड़गढ़ का किला, कुंभलगढ़ का किला, रणथंभौर का किला, आमेर का किला, जैसलमर का किला, गगरोन का किला प्रसिद्ध हैं। रणथंभौर का किला हमेशा अजेय रहा। इन्हें 2013 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
25- रानी की वाव
यह गुजरात के पाटन जिले में स्थित है। यह एक बावड़ी (सीढ़ीदार कुआं) है। इसका निर्माण 1063 में सोलंकी वंश के राजपूत राजा भीमदेव प्रथम की स्मृति में रानी उदयमिती ने बनवाया। वाव की दीवारों और स्तंभों पर अधिकांश नक्काशियां, राम, वामन, महिषासुरमर्दिनी, कल्कि, आदि जैसे अवतारों के विभिन्न रूपों में भगवान विष्णु को समर्पित हैं। इसे 2014 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
26- नालंदा
नालंदा महाविहार स्थल बिहार के नालंदा जिले में स्थित है। इसका निर्माण 5वीं से 12वीं सदी के बीच हुआ। यहाँ स्तूप, विहार आदि स्थित है। इसके अलावा यहाँ नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष हैं जिसे बख्तियार खिलजी ने 10,000 बौध्द छत्रों की हत्या करके नष्ट किया था। नालंदा को 2016 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
27- चंडीगढ़ कैपिटल कॉम्प्लेक्स
यह चंडीगढ़ के सेक्टर-1 में स्थित है। इसे ली कोर्बुजिए द्वारा डिजाइन किया गया था। यह 100 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें पंजाब-हरियाणा का उच्च न्यायालय, सचिवालय जैसी 17 इमारतें हैं। इसे 2016 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
28- अहमदाबाद का ऐतिहासिक नगर
यह गुजरात के अहमदाबाद में स्थित है। इसका निर्माण 15वीं सदी में गुजरात सल्तनत के दौरान हुआ। सुल्तान अहमद शाह प्रथम ने इस नगर की स्थापना की। इसे 2017 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
29- ‘विक्टोरियन गोथिक’ और ‘आर्ट डेको’, मुंबई
यह महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में स्थित हैं। इनका निर्माण 1862 में हुआ। इसमें बॉम्बे हाइकोर्ट, राजबाई क्लॉक टावर, एरॉस सिनेमा, मुंबई विश्वविद्यालय हैं। यह भारत की सबसे नई विश्व धरोहर है और इसे 30 जून 2018 को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है।
प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल
30- काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान
यह असम के काजीरंगा में स्थित है। यह 42,996 हेक्टेयर में फैला हुआ है। इसमें एक सींग वाले गेंडे काफी संख्या में हैं। इसे 1985 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
31- मानस वन्यजीव अभ्यारण्य
यह असम में मानस नदी के किनारे स्थित है। इसमें स्तनधारी वर्ग की 21 सर्वाधिक खतरे में स्थित प्रजातियाँ हैं। इसमें 55 स्तनधारी वर्ग की, 36 सरीसृप वर्ग की, 350 पक्षियों की प्रजातियाँ हैं। इसे 1985 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
32- केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान
यह राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित है। इसे 1982 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया। यहाँ पक्षियों की अनेक प्रजातियाँ हैं। इसे 1985 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
33- सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान
यह एक टाइगर रिजर्व है। यह भारत में 10,000 वर्ग किमी में फैला हुआ है। इसको 4 मई 1984 को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया। इसे 1987 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
34- नन्दा देवी राष्ट्रीय उद्यान
यह उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 1982 में हुई। इसमें फूलों की घाटी का उद्यान भी है। इसे 1988 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया॥ 2005 में इसका पुनरविस्तार किया गया।
35- पश्चिमी घाट
इन्हें सहयाद्रि भी कहा जाता है। इन्हें 2012 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया। इसमें 20 धरोहर स्थल केरल में, 10 कर्नाटक में , 5 तमिलनाडू और 4 महाराष्ट्र में हैं।
36- ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क
यह हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में स्थित है। यह हिमालय जैव विविधता हॉटस्पॉट का भाग है। यह 90,540 हेक्टेयर में फैला हुआ है। इसे 2014 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
मिश्रित धरोहर स्थल
37- कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान
यह भारत के सिक्किम प्रदेश में स्थित है। इसे 2016 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
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