भदोही का नया नाम फिर संत रविदास नगर, यूपी में प्रशासनिक पहचान बदली
उत्तर प्रदेश सरकार ने भदोही जिले का नाम बदलकर एक बार फिर संत रविदास नगर भदोही कर दिया है। यह फैसला 4 अक्टूबर 2026 को लिया गया, जब जिले में विकास परियोजनाओं के साथ नई प्रशासनिक घोषणा भी सामने आई। यह बदलाव केवल नाम का नहीं, बल्कि उस सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का भी संकेत है, जो इस जिले को संत रविदास और उसकी परंपरा से जोड़ती है।
जिले की पहचान और नाम बदलने की पृष्ठभूमि
भदोही जिला पहले वाराणसी जिले का हिस्सा था और 30 जून 1994 को उत्तर प्रदेश का 65वां जिला बना। बाद में इसके नाम को लेकर कई बार बदलाव हुए। दिसंबर 1997 में इसे संत रविदास नगर नाम दिया गया, फिर नवंबर 1999 में नाम बदलकर संत रविदास नगर भदोही किया गया। इसके बाद दिसंबर 2014 में अखिलेश यादव सरकार ने इसे फिर भदोही कर दिया। अब एक बार फिर जिले की आधिकारिक पहचान में संत रविदास का नाम जोड़ा गया है।
क्यों अहम है यह प्रशासनिक फैसला
भारत में जिला या शहर का नाम बदलना राज्य सरकार की प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है और इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाती है। उत्तर प्रदेश में ऐसे बदलाव समय-समय पर होते रहे हैं, जिनके पीछे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक या राजनीतिक कारण रहे हैं। भदोही का मामला इसलिए भी खास है क्योंकि यह नाम परिवर्तन एक ऐसे जिले में हुआ है जो अपने कालीन उद्योग के लिए देश-विदेश में जाना जाता है।
संत रविदास भक्ति आंदोलन के प्रमुख संतों में गिने जाते हैं। उन्हें रविदास या रैदास के नाम से भी जाना जाता है। जिले के नाम में उनका उल्लेख स्थानीय परंपरा और सामाजिक पहचान को रेखांकित करता है।
विकास परियोजनाओं के साथ आई नई घोषणा
4 अक्टूबर 2026 को जिले में 112 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया, जिनकी कुल लागत 1,340 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। इससे यह साफ है कि नाम परिवर्तन की घोषणा केवल प्रतीकात्मक नहीं रही, बल्कि इसे विकास एजेंडे के साथ जोड़ा गया। ऐसे अवसरों पर सरकारें अक्सर प्रशासनिक पहचान और विकास कार्यों को एक साथ प्रस्तुत करती हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भदोही जिला 30 जून 1994 को वाराणसी जिले से अलग कर बनाया गया था।
- यह उत्तर प्रदेश का 65वां जिला बना था।
- दिसंबर 1997 में पहली बार इसका नाम संत रविदास नगर रखा गया था।
- भदोही भारत के प्रमुख कालीन उद्योग केंद्रों में से एक है।
भदोही का नाम बदलकर संत रविदास नगर भदोही किया जाना उत्तर प्रदेश में जिलों की बदलती प्रशासनिक और सांस्कृतिक पहचान का एक और उदाहरण है। यह फैसला राज्य की उस प्रवृत्ति को भी दिखाता है, जिसमें नामों के जरिए इतिहास, परंपरा और स्थानीय अस्मिता को फिर से रेखांकित किया जाता है।