ब्रिक्स संसदीय मंच की मेजबानी से भारत का कूटनीतिक संवाद मजबूत
भारत 26 और 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की मेजबानी करेगा। संसद परिसर के केंद्रीय कक्ष और पुस्तकालय कक्ष में होने वाली इस बैठक में ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के संसदीय प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। मंच की थीम है—‘जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सक्षम बनाना’।
वैश्विक चुनौतियों पर संसदीय चर्चा
मंच के एजेंडे में संस्थागत मजबूती, नैतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल बदलाव, वैश्विक शासन में सुधार और सतत विकास जैसे विषय शामिल हैं। सदस्य और साझेदार देशों के प्रतिनिधि संसदों की भूमिका तथा इन मुद्दों पर सहयोग के तरीकों पर विचार-विमर्श करेंगे। बैठक में संसदीय कूटनीति और क्षमता निर्माण पर भी चर्चा होगी।
संसदीय कूटनीति का अर्थ अलग-अलग देशों की विधायिकाओं के बीच संवाद और सहयोग है। ऐसे आदान-प्रदान से सांसदों को साझा चुनौतियों पर विचार रखने और संस्थागत अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है। चर्चा के प्रमुख मुद्दों को समेटते हुए एक संयुक्त घोषणा-पत्र अपनाए जाने की अपेक्षा है।
संसद परिसर में विशेष आयोजन
बैठक के मुख्य आयोजन संसद परिसर के केंद्रीय कक्ष और पुस्तकालय कक्ष में होंगे। पुस्तकालय कक्ष पहले ‘चैंबर ऑफ प्रिंसेस’ के नाम से जाना जाता था और इसका उपयोग सांसदों के लिए वाचन कक्ष के रूप में भी किया गया है। ब्रिक्स स्पीकर शिखर सम्मेलन के लिए इसका नवीनीकरण किया जा रहा है। यह कक्ष पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करेगा।
प्रतिनिधियों के कार्यक्रम में संसद परिसर के साथ नई दिल्ली, आगरा और जयपुर के मार्गदर्शित भ्रमण भी शामिल हैं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अलावा ‘कल्चर बाजार’ लगाया जाएगा, जिसमें भारत के कई राज्यों के कारीगर अपनी कला और उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।
नेतृत्व और प्रतिनिधियों की भागीदारी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करेंगे और समापन भाषण देंगे। उनके कार्यालय ने विभिन्न देशों के संसदीय समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकों की व्यवस्था की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे, जबकि उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन उनके सम्मान में भोज देंगे।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री, सांसद, राज्यों के पीठासीन अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय संसदीय नेता भी शामिल होने की उम्मीद है। इससे मंच को केवल औपचारिक बैठक तक सीमित रखने के बजाय संसदीय संवाद, सांस्कृतिक परिचय और आपसी संपर्क का अवसर बनाने की योजना दिखाई देती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच 26 और 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रस्तावित है।
- इसके प्रमुख आयोजन संसद परिसर के केंद्रीय कक्ष और पुस्तकालय कक्ष में होंगे।
- पुस्तकालय कक्ष पहले ‘चैंबर ऑफ प्रिंसेस’ कहलाता था।
- मंच की थीम ‘जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सक्षम बनाना’ है।
भारत की मेजबानी से सदस्य और साझेदार देशों के सांसदों को साझा वैश्विक मुद्दों पर प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिलेगा। संयुक्त घोषणा-पत्र से बैठक की चर्चाओं और प्राथमिकताओं को औपचारिक रूप दिए जाने की अपेक्षा है।