ब्रह्मांड के ‘लिटिल रेड डॉट्स’ का नया रहस्य: ब्लैक होल स्टार की खोज
ब्रह्मांड के शुरुआती दौर में दिखने वाले रहस्यमय ‘लिटिल रेड डॉट्स’ को लेकर वैज्ञानिकों ने एक नई व्याख्या पेश की है। नेचर में 12 अगस्त 2026 को प्रकाशित अध्ययन में ऐसे एक खगोलीय पिंड का वर्णन किया गया है, जिसे ब्लैक होल स्टार कहा गया है। यह वस्तु जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से मिली और बिग बैंग के 66 करोड़ वर्ष से भी कम समय बाद मौजूद थी।
ब्लैक होल स्टार क्या है
ब्लैक होल स्टार एक प्रस्तावित प्रारंभिक-ब्रह्मांडीय संरचना है, जिसके केंद्र में एक ब्लैक होल होता है और उसके चारों ओर हाइड्रोजन व हीलियम गैस का घना आवरण मौजूद रहता है। सामान्य तारों में ऊर्जा नाभिकीय संलयन से बनती है, लेकिन इस मॉडल में ऊर्जा का प्रमुख स्रोत केंद्रीय ब्लैक होल माना गया है। इसी कारण यह वस्तु पारंपरिक तारों से अलग व्यवहार करती है।
MoM-BH"-1 क्यों खास है
अध्ययन में जिस वस्तु का उल्लेख किया गया है, उसका नाम MoM-BH"-1 है। इसे अब तक मिला सबसे दूर स्थित ब्लैक होल स्टार बताया गया है। इसका आकार लगभग सौरमंडल जितना है और इसके केंद्र में मौजूद ब्लैक होल का द्रव्यमान सूर्य से लगभग एक लाख गुना अधिक आंका गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह वस्तु किसी स्पष्ट आकाशगंगा के बिना भी दिखाई देती है, जो इसे और अधिक असामान्य बनाता है।
यह खोज इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शुरुआती ब्रह्मांड में इतने बड़े और जटिल पिंडों का बनना खगोलविदों के लिए लंबे समय से पहेली रहा है। ‘लिटिल रेड डॉट्स’ आम तौर पर छोटे, लाल और उच्च रेडशिफ्ट वाले पिंड होते हैं, जिन्हें दूरस्थ और प्राचीन ब्रह्मांड में देखा जाता है।
स्पेक्ट्रम में मिले संकेत और वैज्ञानिक महत्व
MoM-BH"-1 में डीप बाल्मर ब्रेक देखा गया है, यानी कुछ खास तरंगदैर्घ्यों पर चमक में अचानक गिरावट। यह हाइड्रोजन अवशोषण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण स्पेक्ट्रल संकेत है। इसके अलावा, इसकी ऊर्जा-उत्पादन क्षमता किसी ज्ञात तारे की तुलना में लगभग 100 अरब गुना अधिक बताई गई है।
वैज्ञानिकों के लिए यह खोज इसलिए अहम है क्योंकि यह शुरुआती ब्रह्मांड में ब्लैक होल, गैस और तारा-निर्माण की प्रक्रियाओं को समझने का नया रास्ता खोल सकती है। हालांकि ‘लिटिल रेड डॉट्स’ के लिए सुपरमैसिव स्टार या बनते हुए ग्लोब्युलर क्लस्टर जैसे वैकल्पिक मॉडल भी सामने आए हैं, लेकिन यह नया अध्ययन ब्लैक होल स्टार मॉडल को मजबूत आधार देता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप का प्रक्षेपण 2021 में हुआ था और यह मुख्य रूप से इन्फ्रारेड खगोलिकी के लिए उपयोग होता है।
- बिग बैंग लगभग 13.8 अरब वर्ष पहले हुआ माना जाता है; 66 करोड़ वर्ष बाद के पिंड ‘कॉस्मिक डॉन’ काल से जुड़े माने जाते हैं।
- बाल्मर श्रेणी हाइड्रोजन के स्पेक्ट्रम से संबंधित है और तारकीय स्पेक्ट्रोस्कोपी में इसका विशेष महत्व है।
- नेचर और द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल जैसी पत्रिकाएँ सहकर्मी-समीक्षित वैज्ञानिक शोध के लिए जानी जाती हैं।
यह खोज दिखाती है कि प्रारंभिक ब्रह्मांड अभी भी कई अनसुलझे रहस्यों से भरा है। ‘लिटिल रेड डॉट्स’ पर आगे के अवलोकन यह तय करने में मदद करेंगे कि इनमें से कितने पिंड वास्तव में ब्लैक होल स्टार हैं और कितने किसी अन्य खगोलीय प्रक्रिया का परिणाम हैं।