बांग्लादेश में खसरा प्रकोप से 336 बच्चों की मौत
बांग्लादेश में खसरे के गंभीर प्रकोप ने सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को बड़ी चुनौती दी है। १५ मार्च २०२६ से ८ मई २०२६ तक इस बीमारी के कारण ३३६ बच्चों की मौत दर्ज की गई है। देश में ५० हजार से अधिक संदिग्ध और पुष्ट मामले सामने आए हैं। यह संक्रमण बांग्लादेश के ६४ में से ५८ जिलों और सभी आठ प्रशासनिक डिवीजनों तक फैल चुका है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित बच्चे १ से १४ वर्ष आयु वर्ग के हैं।
क्या है खसरा रोग
खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है, जो मोर्बिलिवायरस नामक वायरस के कारण होता है। यह वायरस पैरामिक्सोविरिडी परिवार से संबंधित है। संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति की खांसी, छींक और हवा में फैली बूंदों के जरिए फैलता है। कम टीकाकरण वाले क्षेत्रों में बच्चों के बीच इसका संक्रमण तेजी से बढ़ता है।
संक्रमण और मृत्यु के आंकड़े
१५ मार्च से १४ अप्रैल २०२६ के बीच बांग्लादेश में १९,१६१ संदिग्ध और २,८९७ प्रयोगशाला-पुष्ट मामले दर्ज किए गए। इसी अवधि में १६६ मौतें हुईं और मृत्यु दर लगभग ०.९ प्रतिशत रही। इनमें ७९ प्रतिशत मौतें पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में हुईं। ४ मई २०२६ को एक ही दिन में १७ बच्चों की मौत दर्ज की गई, जो इस प्रकोप का सबसे बड़ा दैनिक आंकड़ा था। इसके बाद ८ मई को भी २४ घंटों के भीतर १२ बच्चों की मृत्यु हुई।
टीकाकरण अभियान और चुनौतियां
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ५ अप्रैल २०२६ से विशेष खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान शुरू किया गया। ८ मई तक लगभग १.७ करोड़ बच्चों को टीका लगाया जा चुका था और अतिरिक्त १.८ करोड़ खुराकें आने की उम्मीद जताई गई। हालांकि २०२४-२५ के दौरान एमआर वैक्सीन की कमी और खरीद प्रक्रिया में बाधाओं के कारण नियमित टीकाकरण प्रभावित हुआ, जिससे बड़ी संख्या में बच्चे संक्रमण के प्रति संवेदनशील हो गए।
जांच और स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव
बांग्लादेश में खसरे की जांच के लिए परीक्षण किटों की कमी भी गंभीर समस्या बन गई है। सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान में हजारों नमूनों की जांच लंबित बताई गई है। इससे संदिग्ध मामलों की पुष्टि में देरी हो रही है और संक्रमण की वास्तविक स्थिति का आकलन कठिन हो गया है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” खसरा एक टीके से रोकी जा सकने वाली बीमारी है। ” खसरा वायरस पैरामिक्सोविरिडी परिवार और मोर्बिलिवायरस वंश से संबंधित है। ” बांग्लादेश में रिपोर्ट की गई ७९ प्रतिशत मौतें पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में हुईं। ” बांग्लादेश में कुल आठ प्रशासनिक डिवीजन और ६४ जिले हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार खसरा आज भी उन देशों में बच्चों की मृत्यु का बड़ा कारण है जहां टीकाकरण कवरेज में कमी होती है। बांग्लादेश में फैला यह प्रकोप मजबूत टीकाकरण प्रणाली, पर्याप्त स्वास्थ्य संसाधनों और समय पर निगरानी की आवश्यकता को फिर से उजागर करता है।