फ्रांस शतरंज में रोहित कृष्णा का स्वर्ण, रिथविक को रजत
फ्रांस के मेनुइरेस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शतरंज चैंपियनशिप में भारत के दो ग्रैंडमास्टर्स ने शानदार प्रदर्शन किया। तमिलनाडु के ग्रैंडमास्टर एस. रोहित कृष्णा ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि तेलंगाना के ग्रैंडमास्टर राजा रिथविक ने रजत पदक अपने नाम किया। ओपन वर्ग में दोनों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रहते हुए भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
अंत तक चला कड़ा मुकाबला
यह प्रतियोगिता 11 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक फ्रेंच आल्प्स के ले ब्रेक दे मेनुइरेस में आयोजित 1st Open International d’Échecs des Menuires का हिस्सा थी। कुल 86 खिलाड़ियों ने इसमें भाग लिया और टूर्नामेंट नौ राउंड के स्विस-प्रणाली प्रारूप में खेला गया।रोहित कृष्णा और रिथविक दोनों ने नौ में से सात अंक हासिल किए और एक भी हार नहीं झेली। हालांकि, टाई-ब्रेक स्कोर के आधार पर रोहित कृष्णा को 43 अंकों के साथ स्वर्ण मिला, जबकि रिथविक 41.5 के टाई-ब्रेक स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
रिथविक की मजबूत फिनिश
रिथविक इस टूर्नामेंट में चौथी वरीयता के साथ उतरे थे और उन्होंने पांच जीत तथा चार ड्रॉ के साथ अभियान समाप्त किया। नौवें और अंतिम राउंड में उन्होंने फ्रांस के ग्रैंडमास्टर मैक्सिम लागार्डे को हराया, जिनकी रेटिंग 2622 थी। रिथविक की रेटिंग 2521 थी, लेकिन उन्होंने उच्च रेटिंग वाले प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ निर्णायक जीत दर्ज कर अपनी स्थिति और मजबूत की।तीसरे स्थान पर फ्रांस के ग्रैंडमास्टर ओमेल्या आर्टेम रहे, जिन्होंने 6.5 अंक हासिल किए।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- शतरंज का अंतरराष्ट्रीय संचालन FIDE यानी Fédération Internationale des Échecs करती है।
- क्लासिकल शतरंज टूर्नामेंटों में अक्सर स्विस-प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जिसमें कई राउंड खेले जाते हैं।
- शतरंज में टाई होने पर बुखहोल्ज़, सोनबोर्न-बर्जर और डायरेक्ट एनकाउंटर जैसे टाई-ब्रेक मानक अपनाए जा सकते हैं।
- ग्रैंडमास्टर ओवर-द-बोर्ड शतरंज में FIDE द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च खिताब है।
मेनुइरेस चैंपियनशिप में भारत के दो शीर्ष खिलाड़ियों का पदक जीतना देश की गहरी शतरंज प्रतिभा को दर्शाता है। अपराजित रहते हुए पोडियम तक पहुंचना इस प्रदर्शन को और भी खास बनाता है, खासकर तब जब मुकाबला अंतरराष्ट्रीय स्तर के मजबूत खिलाड़ियों के बीच हुआ हो।