प्रधानमंत्री मोदी गुजरात के सूरत में करेंगे ₹12,421 करोड़ की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जून 2026 को गुजरात के सूरत दौरे पर जाने वाले हैं। यह दिन विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री दक्षिण गुजरात में 12,421 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में सड़क संपर्क, माल परिवहन और औद्योगिक विकास को गति देना है।
वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के दो खंडों का उद्घाटन
प्रधानमंत्री द्वारा जिन प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा, उनमें वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के दो महत्वपूर्ण खंड शामिल हैं। इनमें 36 किलोमीटर लंबा किम-एना खंड (पैकेज-6) तथा 27.5 किलोमीटर लंबा गांदेवा-एना खंड (पैकेज-7) शामिल हैं। इन दोनों पैकेजों का संयुक्त विकास लगभग 7,689 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे पश्चिम भारत के सबसे महत्वपूर्ण सड़क गलियारों में से एक है, जो गुजरात और महाराष्ट्र के बीच तेज एवं सुगम संपर्क प्रदान करेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की नई परियोजनाएं
प्रधानमंत्री चार नई राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे, जिनकी कुल लागत 4,732 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं में शामिल हैं:
- राष्ट्रीय राजमार्ग-56 के धमासिया-बिटाडा/मोवी खंड का चार लेन विस्तार।
- राष्ट्रीय राजमार्ग-56 के नसरपोर-मलोथा खंड का चार लेन विस्तार।
- रिलायंस क्षेत्र के निकट छह लेन का वाहन अंडरपास।
- सूरत-हजीरा राष्ट्रीय राजमार्ग-53 के कावास क्षेत्र में वाहन अंडरपास सह फ्लाईओवर का निर्माण।
इन परियोजनाओं से क्षेत्र में यातायात दबाव कम होगा और यात्रा अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनेगी।
हजीरा बंदरगाह-सूरत संपर्क को मिलेगी मजबूती
हजीरा बंदरगाह और सूरत के बीच माल परिवहन को बेहतर बनाने के लिए लगभग 149 करोड़ रुपये की दो अतिरिक्त परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया जाएगा। इनमें एक छह लेन फ्लाईओवर तथा एक वाहन अंडरपास का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य बंदरगाह से जुड़े माल परिवहन को तेज और अधिक कुशल बनाना है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
दक्षिण गुजरात के विकास को मिलेगा लाभ
इन परियोजनाओं का लाभ दक्षिण गुजरात के आदिवासी, औद्योगिक और तटीय क्षेत्रों को मिलेगा। बेहतर सड़क अवसंरचना से व्यापार, पर्यटन, उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही सड़क क्षमता विस्तार और आधुनिक परिवहन सुविधाओं के माध्यम से माल ढुलाई की लागत कम होगी तथा क्षेत्रीय संपर्क में सुधार आएगा।
भारतमाला परियोजना से जुड़ाव
ये परियोजनाएं केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी भारतमाला कार्यक्रम के व्यापक उद्देश्यों के अनुरूप हैं। भारतमाला परियोजना का लक्ष्य देशभर में राजमार्गों और आर्थिक गलियारों का विस्तार करके लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत बनाना है। बेहतर सड़क संपर्क से औद्योगिक केंद्रों, बंदरगाहों और आर्थिक गतिविधियों के बीच तेज संपर्क सुनिश्चित किया जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक वर्ष 5 जून को मनाया जाता है।
- वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे पश्चिम भारत का एक प्रमुख एक्सप्रेसवे कॉरिडोर है।
- राष्ट्रीय राजमार्ग-56 और राष्ट्रीय राजमार्ग-53 भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का हिस्सा हैं।
- भारतमाला परियोजना देश में सड़क और आर्थिक गलियारों के विकास के लिए शुरू की गई एक प्रमुख केंद्रीय योजना है।
सूरत में शुरू होने वाली ये सड़क परियोजनाएं दक्षिण गुजरात के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती प्रदान करेंगी। बेहतर संपर्क, तेज माल परिवहन और आधुनिक राजमार्ग सुविधाओं के माध्यम से क्षेत्र के औद्योगिक, आर्थिक और सामाजिक विकास को महत्वपूर्ण गति मिलने की संभावना है।