प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यात्रा से भारत को बड़े निवेश प्रस्ताव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 मई से 20 मई 2026 तक संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा की। छह दिनों के इस दौरे के दौरान भारत को ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा, शिपिंग और विनिर्माण क्षेत्रों में लगभग 40 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इस यात्रा को भारत की वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पांच देशों की कूटनीतिक यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा यूरोप और पश्चिम एशिया के पांच देशों को शामिल करने वाली एक व्यापक कूटनीतिक पहल थी। दौरे के दौरान उन्होंने विभिन्न देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं और कई शिखर स्तर की वार्ताओं में भाग लिया। इस दौरान 50 से अधिक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इन कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्य लगभग 2.7 से 3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के बीच बताया गया। निवेश प्रस्तावों में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, एलपीजी आपूर्ति, रक्षा, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और शिपिंग जैसे क्षेत्र शामिल रहे।
संयुक्त अरब अमीरात के साथ सहयोग
संयुक्त अरब अमीरात ने भारत में लगभग 5 अरब अमेरिकी डॉलर के नए निवेश की घोषणा की। यह निवेश रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण, दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति, रक्षा और शिपिंग क्षेत्रों में किया जाएगा। भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच ऊर्जा, व्यापार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में पहले से ही मजबूत सहयोग मौजूद है। दोनों देशों के संबंध हाल के वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं।
नीदरलैंड और स्वीडन के साथ रणनीतिक साझेदारी
भारत और नीदरलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया और 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें व्यापार, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े समझौते शामिल हैं। स्वीडन के साथ भी भारत ने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया। दोनों देशों के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उभरती प्रौद्योगिकी, हरित परिवर्तन और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला पर चर्चा हुई।
इटली और नॉर्वे के साथ नई पहल
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ वार्ता के दौरान भारत और इटली ने अपने संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया। दोनों देशों ने वर्ष 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा। नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी ने तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया। यहां भारत और नॉर्वे के बीच हरित रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया गया, जिसमें स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु सहनशीलता और ब्लू इकोनॉमी पर विशेष ध्यान दिया गया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” नीदरलैंड यूरोपीय संघ और शेंगेन क्षेत्र का सदस्य देश है। ” स्वीडन एक नॉर्डिक देश है और यूरोपीय संघ का सदस्य है। ” संयुक्त अरब अमीरात सात अमीरातों का संघ है। ” रणनीतिक साझेदारी देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग का एक कूटनीतिक ढांचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पांच देशों की यात्रा भारत की वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। निवेश, तकनीक और ऊर्जा सहयोग के ये समझौते आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक वृद्धि और वैश्विक साझेदारी को नई गति दे सकते हैं।