पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन 2026 में भारत सहित 35 देशों ने एआई अवसर संयुक्त वक्तव्य पर हस्ताक्षर किए

पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन 2026 में भारत सहित 35 देशों ने एआई अवसर संयुक्त वक्तव्य पर हस्ताक्षर किए

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग और सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. में 25–26 जून 2026 को दूसरा पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में भारत सहित 35 देशों ने ‘जॉइंट स्टेटमेंट ऑन एआई अपॉर्च्युनिटी’ पर हस्ताक्षर किए। इस संयुक्त वक्तव्य का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास के लिए नवाचार-अनुकूल नीतियों, विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाओं तथा औद्योगिक क्षमता को मजबूत करना है।

पैक्स सिलिका पहल क्या है?

पैक्स सिलिका पहल की शुरुआत दिसंबर 2025 में संयुक्त राज्य अमेरिका के नेतृत्व में की गई थी। इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित प्रौद्योगिकियों के लिए सुरक्षित, विश्वसनीय और लचीली वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना है। भारत फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान इस पहल में शामिल हुआ था। इस पहल में अर्जेंटीना, जर्मनी, नीदरलैंड, चिली, कोस्टा रिका, ग्रीस, कज़ाखस्तान, पनामा तथा यूरोपीय संघ सहित कई देश और संगठन भाग ले रहे हैं, जो एआई क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं।

संयुक्त वक्तव्य की प्रमुख बातें

‘जॉइंट स्टेटमेंट ऑन एआई अपॉर्च्युनिटी’ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए विकासोन्मुख और नवाचार-समर्थक नियामक व्यवस्था पर बल दिया गया है। इसमें एआई प्रौद्योगिकियों के लिए विश्वसनीय एवं लचीली आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने, उद्योगों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया है। अमेरिका के आर्थिक मामलों के अवर विदेश मंत्री जैकब हेलबर्ग ने सम्मेलन के दौरान कहा कि भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखलाएं और निजी क्षेत्र की भागीदारी एआई के वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

भारत की भागीदारी और नई पहलें

सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन तथा विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने किया। भारत ने एआई क्षेत्र में वैश्विक सहयोग, सुरक्षित तकनीकी ढांचे और नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर ‘पैक्स पास’ नामक एक नए प्लेटफॉर्म की भी शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य एआई से जुड़े महत्वपूर्ण उपकरणों और वस्तुओं की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही को सुगम बनाना है। साथ ही स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के नेतृत्व में फाउंड्री स्कूल की स्थापना की घोषणा की गई, जहां उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए अमेरिका ने 5 करोड़ डॉलर (50 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन अमेरिका के नेतृत्व वाली एक अंतरराष्ट्रीय पहल है, जिसका मुख्य फोकस कृत्रिम बुद्धिमत्ता की आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना है।
  • एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन फरवरी 2026 में नई दिल्ली में किया गया था।
  • भारत में डिजिटल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता संबंधी नीतियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) प्रमुख मंत्रालय है।
  • यूरोपीय संघ अंतरराष्ट्रीय पहलों में एक समूह (ब्लॉक) के रूप में भी भाग ले सकता है, साथ ही उसके सदस्य देश अलग-अलग भी भागीदारी कर सकते हैं।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीकी प्रतिस्पर्धा का प्रमुख आधार बनती जा रही है। ऐसे में पैक्स सिलिका जैसी पहलें देशों के बीच सहयोग, सुरक्षित तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला, नवाचार और औद्योगिक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। भारत की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि वह एआई के वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्वपूर्ण भागीदार बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।

Originally written on June 26, 2026 and last modified on June 26, 2026.

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