पारादीप बंदरगाह पर कोयला लदान का नया दैनिक रिकॉर्ड
ओडिशा स्थित पारादीप बंदरगाह के यंत्रीकृत कोयला हैंडलिंग संयंत्र ने 10 अक्टूबर 2026 को एक दिन में 1,40,022 मीट्रिक टन कोयला लदान का नया रिकॉर्ड बनाया। यह कोयला दो जहाजों—एम.वी. एपीजे इंद्राणी और एम.वी. रिप्ले पिनेकल—पर लादा गया। संयंत्र का यह अब तक का सबसे अधिक दैनिक लदान है।
पुराने रिकॉर्ड से 2,522 टन अधिक लदान
नया रिकॉर्ड 29 मई 2022 को दर्ज किए गए पिछले सर्वोच्च दैनिक लदान से 2,522 मीट्रिक टन अधिक है। उस दिन संयंत्र में 1,37,500 मीट्रिक टन कोयला लादा गया था। इस तरह ताजा आंकड़ा केवल किसी एक जहाज का लदान नहीं, बल्कि दोनों जहाजों पर एक ही दिन में लादे गए कोयले का संयुक्त कुल है।
पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण के अध्यक्ष सुसांत कुमार पुरोहित ने 11 अक्टूबर को संयंत्र के कर्मचारियों, अधिकारियों और अन्य कर्मियों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। पुरोहित भारतीय रेलवे विद्युत अभियंता सेवा के अधिकारी हैं। बंदरगाह में लदान का काम यंत्रीकृत कोयला हैंडलिंग सुविधा के माध्यम से हुआ।
यंत्रीकृत सुविधा की भूमिका
यंत्रीकृत कोयला संयंत्र में परिवहन पट्टियों और जहाजों पर माल चढ़ाने वाली मशीनों जैसे उपकरणों से भंडारण क्षेत्र से जहाज तक कोयला पहुंचाया जाता है। ऐसी व्यवस्था भारी मात्रा में माल को संभालने और जहाजों पर लदान की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद करती है। एक दिन का लदान उस 24 घंटे की अवधि में जहाजों पर चढ़ाई गई कुल मात्रा को दर्शाता है।
कोयला समुद्री परिवहन में शुष्क थोक माल की श्रेणी में आता है। इस श्रेणी में ऐसी वस्तुएं शामिल होती हैं जिन्हें पैक किए बिना बड़ी मात्रा में जहाजों से ले जाया जाता है। बंदरगाहों पर इनका कुशल प्रबंधन समुद्री माल ढुलाई और अंतर्देशीय परिवहन के बीच संपर्क को मजबूत करता है। एक मीट्रिक टन 1,000 किलोग्राम के बराबर होता है।
पारादीप बंदरगाह का महत्व
पारादीप बंदरगाह ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है और इसका प्रशासन पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण करता है। भारत के प्रमुख बंदरगाहों के प्रशासन के लिए प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण अधिनियम, 2021 वैधानिक ढांचा प्रदान करता है। पारादीप जैसे बंदरगाह कोयले सहित विभिन्न थोक वस्तुओं के समुद्री आवागमन में अहम भूमिका निभाते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पारादीप बंदरगाह ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है।
- एक मीट्रिक टन में 1,000 किलोग्राम होते हैं।
- कोयला समुद्री परिवहन में शुष्क थोक माल माना जाता है।
- प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण अधिनियम, 2021 भारत के प्रमुख बंदरगाहों के प्रशासन का वैधानिक आधार है।
यह नया आंकड़ा पारादीप के यंत्रीकृत कोयला संयंत्र की एक दिन की लदान क्षमता का रिकॉर्ड है।