पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना का विस्तार

पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना का विस्तार

स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) में शामिल होने का निर्णय लिया है। 8 जून 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद राज्य इस योजना को लागू करने वाला 36वां राज्य या केंद्रशासित प्रदेश बन जाएगा। योजना का क्रियान्वयन जुलाई 2026 से शुरू होने की संभावना है।

आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई क्या है?

National Health Authority द्वारा संचालित आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसे वर्ष 2018 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह योजना देशभर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस तथा पेपरलेस उपचार की सुविधा प्रदान करती है। इससे लाभार्थियों को इलाज के दौरान आर्थिक बोझ से राहत मिलती है।

योजना के तहत मिलने वाले लाभ

एबी पीएम-जेएवाई के अंतर्गत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है। यह कवर माध्यमिक और तृतीयक स्तर के अस्पताल उपचार के लिए उपलब्ध है। योजना में अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, सर्जरी, दवाइयां, जांच, तथा भर्ती से पहले और बाद के चिकित्सा व्यय शामिल हैं। सभी सेवाएं निर्धारित पैकेज दरों के अनुसार उपलब्ध कराई जाती हैं।

पश्चिम बंगाल में क्रियान्वयन

पश्चिम बंगाल के योजना से जुड़ने के बाद लगभग 6 करोड़ परिवारों को इसका लाभ मिलने की संभावना है। राज्य की मौजूदा स्वास्थ्य योजना Swasthya Sathi के लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से आयुष्मान भारत ढांचे में शामिल किया जाएगा। इस कदम से राज्य के नागरिकों को देशभर में सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार की व्यापक सुविधा प्राप्त होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बेहतर हो सकेगी।

केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता

पश्चिम बंगाल के एकीकरण के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से 3,505 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह राशि अस्पतालों के पंजीकरण, तकनीकी अवसंरचना के विकास और लाभार्थियों को कार्ड जारी करने जैसे कार्यों पर खर्च की जाएगी। इस वित्तीय सहायता से योजना के सुचारु संचालन और व्यापक विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में महत्व

आयुष्मान भारत दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं में से एक मानी जाती है। पश्चिम बंगाल के शामिल होने से देश में स्वास्थ्य कवरेज का दायरा और बढ़ेगा तथा अधिक लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा। यह कदम सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी।
  • योजना का संचालन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा किया जाता है।
  • पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है।
  • स्वास्थ्य साथी पश्चिम बंगाल सरकार की राज्य स्तरीय स्वास्थ्य बीमा योजना है।

पश्चिम बंगाल का आयुष्मान भारत योजना में शामिल होना राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। इससे करोड़ों परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी और देश में स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

Originally written on June 8, 2026 and last modified on June 8, 2026.

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