न्यायमूर्ति रामचंद्र हुड्डार बने कर्नाटक प्रवेश पर्यवेक्षण समिति के अध्यक्ष

न्यायमूर्ति रामचंद्र हुड्डार बने कर्नाटक प्रवेश पर्यवेक्षण समिति के अध्यक्ष

सेवानिवृत्त कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रामचंद्र दत्तात्रय हुड्डार को 8 मई 2026 को कर्नाटक में पेशेवर पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश पर्यवेक्षण समिति यानी एडमिशन ओवरसीइंग कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह समिति राज्य में पेशेवर शिक्षा से जुड़े प्रवेश मामलों की निगरानी और पर्यवेक्षण का कार्य करती है। यह पद अक्टूबर 2024 से खाली था, जब न्यायमूर्ति बी. मनोहर का कार्यकाल समाप्त हुआ था।

एडमिशन ओवरसीइंग कमेटी क्या है

एडमिशन ओवरसीइंग कमेटी कर्नाटक में पेशेवर पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया की निगरानी से जुड़ी संस्था है। यह समिति इंजीनियरिंग, मेडिकल, डेंटल और अन्य पेशेवर पाठ्यक्रमों में प्रवेश संबंधी प्रक्रियाओं पर नजर रखती है। समिति का उद्देश्य राज्य के नियामक ढांचे के अंतर्गत पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।

न्यायमूर्ति रामचंद्र हुड्डार का न्यायिक करियर

न्यायमूर्ति रामचंद्र दत्तात्रय हुड्डार को 24 जनवरी 2023 को कर्नाटक उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। बाद में 8 जनवरी 2025 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। उन्होंने 12 अगस्त 2025 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में सेवानिवृत्ति ली।

प्रशासनिक और न्यायिक अनुभव

रामचंद्र हुड्डार का जन्म 13 अगस्त 1963 को बेलगावी जिले के गोकाक में हुआ था। उच्च न्यायालय में नियुक्ति से पहले उन्होंने धारवाड़ और मैसूर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। इसके अलावा वह बेंगलुरु स्थित कर्नाटक न्यायिक अकादमी के निदेशक भी रहे, जहां न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाली जाती हैं। नवंबर 2025 में उन्हें कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के एथिक्स ऑफिसर-कम-ओम्बुड्समैन पद के लिए भी अनुशंसित किया गया था।

पेशेवर शिक्षा में समिति की भूमिका

कर्नाटक जैसे राज्यों में पेशेवर पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में पारदर्शी और नियम आधारित प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए ऐसी समितियां कार्य करती हैं। एडमिशन ओवरसीइंग कमेटी राज्य सरकार और शिक्षा नियामक तंत्र के साथ मिलकर कार्य करती है ताकि छात्रों के हितों की रक्षा की जा सके।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • कर्नाटक उच्च न्यायालय राज्य की सर्वोच्च न्यायिक संस्था है।
  • उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 217 के तहत होती है।
  • उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष होती है।
  • कर्नाटक न्यायिक अकादमी बेंगलुरु में स्थित है।

न्यायमूर्ति रामचंद्र हुड्डार की नियुक्ति को पेशेवर शिक्षा में पारदर्शिता और प्रशासनिक अनुभव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनके न्यायिक और प्रशासनिक अनुभव से प्रवेश प्रक्रिया की निगरानी व्यवस्था को लाभ मिलने की उम्मीद है।

Originally written on May 11, 2026 and last modified on May 11, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *