नाबालिगों के पासपोर्ट नियम बदले, वैधता और शुल्क में नया प्रावधान
विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट नियमों में अहम संशोधन करते हुए बच्चों के लिए वैधता और शुल्क से जुड़े प्रावधानों को अपडेट कर दिया है। पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 को 17 सितंबर 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया और उसी दिन से यह लागू भी हो गया। इस बदलाव का सीधा असर 15 वर्ष से कम उम्र के आवेदकों पर पड़ेगा, जिनके लिए पासपोर्ट की अवधि और फीस संरचना अब पहले से अलग होगी।
नाबालिगों के पासपोर्ट की वैधता में बदलाव
संशोधित नियम 12(1A) के अनुसार, 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को जारी किया गया सामान्य 36-पृष्ठीय पासपोर्ट अब जारी होने की तारीख से पांच वर्ष तक वैध रहेगा या फिर बच्चे के 18 वर्ष का होने तक, इनमें से जो भी पहले हो, वही लागू होगा। पहले के नियम ढांचे में इस तरह की स्पष्ट आयु-आधारित सीमा नहीं थी, लेकिन 2026 के संशोधन ने इसे अधिक स्पष्ट और एकरूप बना दिया है।
यह प्रावधान खास तौर पर उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो बच्चों के लिए पासपोर्ट बनवाते हैं, क्योंकि अब वैधता की गणना उम्र और जारी होने की तारीख दोनों के आधार पर होगी। इससे नवीनीकरण की योजना बनाना भी आसान होगा।
शुल्क ढांचे में संशोधन और नई फीस
नियम 8 में भी बदलाव किया गया है, जिसके तहत पासपोर्ट आवेदन शुल्क अब नियमों की अनुसूची IV के अनुसार होगा। विदेश मंत्रालय पहले ही 1 जुलाई 2026 से नए आवेदन, नवीनीकरण और तत्काल सेवाओं के शुल्क बढ़ा चुका था।
नए प्रावधान के तहत नाबालिगों के लिए सामान्य श्रेणी में 36-पृष्ठीय नया या पुनः जारी पासपोर्ट अब 1,750 रुपये का होगा, जबकि पहले यह 1,000 रुपये था। यानी बच्चों के पासपोर्ट से जुड़ी लागत में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन साथ ही नियमों को अधिक स्पष्ट भी किया गया है।
इसके अलावा, आठ वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए नए पासपोर्ट आवेदन पर 10 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी। हालांकि यह छूट पुनः जारी करने वाले आवेदनों पर लागू नहीं होगी।
पासपोर्ट नियमों का ढांचा और क्यों है यह बदलाव अहम
भारत में पासपोर्ट जारी करने के मूल नियम पासपोर्ट नियम, 1980 के तहत आते हैं। इन्हीं नियमों में पासपोर्ट की वैधता, शुल्क, श्रेणियां और विशेष प्रावधान तय किए जाते हैं। नियम 12 वैधता से जुड़ा है, नियम 8 शुल्क से संबंधित है और अनुसूची IV में अलग-अलग पासपोर्ट सेवाओं की फीस दी जाती है।
भारत में सामान्य पासपोर्ट आम तौर पर 36-पृष्ठीय और 60-पृष्ठीय प्रारूप में जारी किया जाता है। संशोधित प्रावधान में बच्चों के लिए विशेष रूप से 36-पृष्ठीय पासपोर्ट का उल्लेख किया गया है, जिससे नाबालिग आवेदकों के लिए प्रक्रिया और अवधि दोनों अधिक स्पष्ट हो गई हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पासपोर्ट नियम, 1980 भारत में पासपोर्ट जारी करने का मुख्य कानूनी ढांचा है।
- नियम 12 पासपोर्ट की वैधता से और नियम 8 आवेदन शुल्क से संबंधित है।
- अनुसूची IV में पासपोर्ट सेवाओं की विस्तृत फीस संरचना दी जाती है।
- भारत में सामान्य पासपोर्ट 36-पृष्ठीय और 60-पृष्ठीय प्रारूप में जारी किया जाता है।
इस संशोधन से नाबालिगों के पासपोर्ट नियमों में अधिक स्पष्टता आई है और परिवारों के लिए वैधता व शुल्क को समझना आसान होगा। खासकर विदेश यात्रा की योजना बनाने वाले अभिभावकों के लिए यह बदलाव सीधे तौर पर उपयोगी है।