नाबकिसान का पहला WASH सामाजिक बॉन्ड: ग्रामीण बुनियादी सेवाओं के लिए नई फंडिंग राह
नाबार्ड की सहायक कंपनी नाबकिसान फाइनेंस लिमिटेड ने देश का पहला ऐसा सामाजिक बॉन्ड सूचीबद्ध कराया है, जो पूरी तरह जल, स्वच्छता और स्वच्छता यानी WASH सेक्टर के लिए समर्पित है। यह बॉन्ड मुंबई स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 2 अक्टूबर 2026 को सूचीबद्ध हुआ और इसके जरिए 180 करोड़ रुपये जुटाए गए।
WASH सेक्टर के लिए खास वित्तीय पहल
यह इश्यू पांच साल की अवधि वाला था, जिसकी कूपन दर 8.10% रखी गई और परिपक्वता सितंबर 2031 में होगी। WASH का दायरा सुरक्षित पेयजल, स्वच्छ शौचालय, स्वच्छता सुविधाओं और इससे जुड़ी सेवाओं तक फैला है। खासतौर पर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में ऐसी परियोजनाएं स्वास्थ्य, जीवन-स्तर और आजीविका पर सीधा असर डालती हैं।
सामाजिक बॉन्ड ऐसे ऋण साधन होते हैं, जिनसे जुटाई गई राशि को तय सामाजिक उद्देश्यों वाली परियोजनाओं में लगाया जाता है। भारत में ये कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार का हिस्सा हैं और आमतौर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास तथा बुनियादी सेवाओं जैसे क्षेत्रों से जुड़े होते हैं।
निवेशकों की मजबूत भागीदारी और उच्च रेटिंग
इस बॉन्ड को 1.8 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, यानी निवेशकों की मांग प्रस्तावित राशि से अधिक रही। इससे यह संकेत मिलता है कि सामाजिक प्रभाव वाले वित्तीय उत्पादों को बाजार में स्वीकार्यता मिल रही है।
इसे CRISIL AAA (Stable) और CARE AAA (Stable) रेटिंग मिली है, जो इन एजेंसियों की सर्वोच्च घरेलू क्रेडिट रेटिंग मानी जाती है। उच्च रेटिंग किसी भी बॉन्ड की साख, भुगतान क्षमता और जोखिम प्रोफाइल को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ाती है।
सस्टेनेबल फाइनेंस में बढ़ती भूमिका
यह पहल केवल एक बॉन्ड इश्यू नहीं, बल्कि भारत में सस्टेनेबल फाइनेंस के विस्तार का संकेत भी है। सामाजिक बॉन्ड, ग्रीन बॉन्ड और सस्टेनेबिलिटी बॉन्ड मिलकर ऐसे वित्तीय साधनों का समूह बनाते हैं, जिनका उद्देश्य केवल लाभ नहीं बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय परिणाम भी होता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- नाबकिसान फाइनेंस लिमिटेड, नाबार्ड की सहायक कंपनी है।
- WASH का अर्थ Water, Sanitation and Hygiene है।
- यह भारत का पहला सामाजिक बॉन्ड है, जो विशेष रूप से WASH सेक्टर के लिए सूचीबद्ध हुआ।
- बॉन्ड को CRISIL AAA (Stable) और CARE AAA (Stable) रेटिंग मिली है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पानी और स्वच्छता की उपलब्धता बढ़ाने के लिए इस तरह के वित्तीय साधन भविष्य में विकास परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण मॉडल बन सकते हैं।