नकली मूल देश दिखाकर भारत लाए जा रहे खजूर पर DRI की बड़ी कार्रवाई
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने नासिक के अंबाद स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन पर पाकिस्तान मूल के 362 मीट्रिक टन से अधिक सूखे खजूर जब्त किए हैं। यह खेप मुंबई की एक फर्म ने आयात की थी, लेकिन दस्तावेजों में इसका मूल देश संयुक्त अरब अमीरात बताया गया था। जांच में सामने आया कि माल की वास्तविक उत्पत्ति पाकिस्तान से जुड़ी थी और उसे तीसरे देश के रास्ते भारत लाने की कोशिश की गई थी।
कैसे पकड़ी गई यह खेप
DRI की कार्रवाई 14 सितंबर 2026 को हुई। खजूर की यह खेप कराची पोर्ट से जेबेल अली पोर्ट, यूएई तक भेजी गई थी और फिर अलग-अलग कंटेनरों व जहाजों के जरिए भारत के लिए आगे बढ़ाई गई। इस तरह के रूट को ट्रांस-शिपमेंट कहा जाता है, जिसमें माल अंतिम गंतव्य तक पहुंचने से पहले एक या अधिक देशों या बंदरगाहों से होकर गुजरता है।
जांच एजेंसी के अनुसार, दस्तावेजों में मूल देश बदलकर दिखाना कस्टम नियमों का उल्लंघन है। आयात में देश-उत्पत्ति की गलत घोषणा न केवल वैधानिक अपराध है, बल्कि इससे प्रतिबंधित वस्तुओं को वैकल्पिक मार्गों से भारत में लाने की कोशिश भी की जाती है।
पाकिस्तान मूल वस्तुओं पर सख्त प्रतिबंध
भारत ने 2 मई 2025 से पाकिस्तान से सीधे या परोक्ष रूप से आने वाले सभी सामानों के आयात, पारगमन और ट्रांस-शिपमेंट पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया था। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से लिया गया था। ऐसे प्रतिबंधों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तीसरे देशों के जरिए भी पाकिस्तान मूल की वस्तुएं भारतीय बाजार में प्रवेश न कर सकें।
इसी पृष्ठभूमि में DRI ने ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट शुरू किया है। इस अभियान के तहत खुफिया सूचनाओं, दस्तावेजी जांच और कंटेनर सत्यापन के जरिए उन खेपों की पहचान की जाती है, जिनमें मूल देश छिपाकर या बदलकर माल भेजा जाता है।
DRI और कस्टम जांच का महत्व
राजस्व खुफिया निदेशालय भारत की शीर्ष एंटी-स्मगलिंग एजेंसी है, जो वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के तहत काम करती है। इसका काम कस्टम धोखाधड़ी, अवैध व्यापार और आयात-निर्यात नियमों के उल्लंघन पर खुफिया आधारित कार्रवाई करना है। कंटेनर फ्रेट स्टेशन जैसे स्थानों पर जांच इसलिए अहम होती है, क्योंकि यहां बंदरगाह से अलग माल की विस्तृत छंटाई और सत्यापन किया जाता है।
यह मामला बताता है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में केवल माल की कीमत या मात्रा ही नहीं, बल्कि उसका सही मूल देश भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। गलत घोषणा होने पर जब्ती, जांच और दंडात्मक कार्रवाई की संभावना रहती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) भारत की शीर्ष एंटी-स्मगलिंग एजेंसी है।
- DRI, वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन काम करती है।
- कंटेनर फ्रेट स्टेशन (CFS) बंदरगाह से अलग एक कस्टम सुविधा है, जहां माल की हैंडलिंग और जांच होती है।
- जेबेल अली पोर्ट संयुक्त अरब अमीरात का प्रमुख कंटेनर पोर्ट है, जबकि कराची पोर्ट पाकिस्तान का बड़ा समुद्री बंदरगाह है।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित या संदिग्ध मूल वाले सामान को तीसरे देशों के जरिए भारत लाने की कोशिशों पर एजेंसियां कड़ी नजर रख रही हैं।