लाल सागर में हूती बढ़त से बाब अल-मंदेब की सुरक्षा पर नया दबाव
यमन के हूती विद्रोहियों ने 14 सितंबर 2026 को दक्षिणी लाल सागर में स्थित ग्रेटर हानीश और लेसर हानीश द्वीपों पर कब्जे का दावा किया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास समुद्री सुरक्षा पहले से ही तनावपूर्ण बनी हुई है। इन द्वीपों की भौगोलिक स्थिति उन्हें केवल स्थानीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिहाज से भी बेहद अहम बनाती है।
हानीश द्वीपों की रणनीतिक अहमियत
हानीश द्वीपसमूह दक्षिणी लाल सागर में यमन के तट के पास स्थित है और समुद्री मार्गों के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। ग्रेटर हानीश और लेसर हानीश इस समूह के दो प्रमुख द्वीप हैं। ये बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से लगभग 160 किलोमीटर उत्तर में हैं, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है।
इस क्षेत्र पर नियंत्रण का मतलब केवल भू-भाग पर पकड़ नहीं, बल्कि उन समुद्री रास्तों पर प्रभाव भी है जिनसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति जुड़ी हुई है। इसी कारण इन द्वीपों को लंबे समय से सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता रहा है।
बाब अल-मंदेब क्यों है वैश्विक चोकपॉइंट
बाब अल-मंदेब दुनिया के सबसे अहम समुद्री चोकपॉइंट्स में से एक है। यह संकरा जलमार्ग लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है, और यहां से बड़े पैमाने पर वाणिज्यिक जहाज, तेल टैंकर और अन्य मालवाहक पोत गुजरते हैं।
इस जलडमरूमध्य के आसपास किसी भी तरह की सैन्य या राजनीतिक हलचल का असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है। पेरिम द्वीप, जिसे मायुन द्वीप भी कहा जाता है, इसी जलडमरूमध्य के भीतर स्थित है और समुद्री आवाजाही पर नियंत्रण के लिहाज से पहले से ही चर्चा में रहा है।
यमन संघर्ष और समुद्री सुरक्षा पर असर
यमन में हूती आंदोलन और सरकार समर्थक बलों के बीच लंबे समय से संघर्ष जारी है। हालिया हूती बढ़त के साथ मोखा और पेरिम द्वीप के बाद अब हानीश द्वीपों का मुद्दा भी सामने आया है। इससे क्षेत्र में सैन्य संतुलन और समुद्री निगरानी दोनों पर दबाव बढ़ा है।
रिपोर्टों के अनुसार, सितंबर 2026 की शुरुआत से इस संघर्ष के कारण लगभग 94,000 लोग विस्थापित हुए हैं। हूती समूह को ईरान का समर्थन प्राप्त माना जाता है, और तटीय तथा द्वीपीय इलाकों पर उसकी मौजूदगी लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों के लिए जोखिम बढ़ाती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
- पेरिम द्वीप को मायुन द्वीप भी कहा जाता है।
- ग्रेटर हानीश और लेसर हानीश द्वीप दक्षिणी लाल सागर में यमन के पास स्थित हैं।
- जिबूती में बाब अल-मंदेब क्षेत्र के पास विदेशी सैन्य सुविधाएं मौजूद हैं।
हानीश द्वीपों पर हूती दावे ने एक बार फिर यह दिखाया है कि यमन का संघर्ष केवल घरेलू संकट नहीं, बल्कि लाल सागर की समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा परिवहन और वैश्विक व्यापार से जुड़ा हुआ मुद्दा भी है।