ग्वांगझोउ-दिल्ली उड़ानें फिर शुरू, भारत-चीन हवाई संपर्क में नई कड़ी
चीन की प्रमुख विमानन कंपनी चाइना सदर्न एयरलाइंस 21 सितंबर 2026 से ग्वांगझोउ और नई दिल्ली के बीच नियमित यात्री उड़ानें फिर शुरू करेगी। छह साल के अंतराल के बाद यह कदम भारत-चीन के बीच हवाई संपर्क की धीरे-धीरे हो रही बहाली का संकेत माना जा रहा है। इस रूट पर रोज़ाना एक राउंड-ट्रिप उड़ान उपलब्ध होगी।
ग्वांगझोउ-नई दिल्ली रूट पर क्या बदलेगा
कंपनी की उड़ान CZ359 ग्वांगझोउ बाययुन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से स्थानीय समयानुसार दोपहर 3:35 बजे रवाना होगी और शाम 7:00 बजे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेगी। वापसी उड़ान CZ360 नई दिल्ली से रात 8:20 बजे उड़ान भरेगी और अगले दिन सुबह 4:15 बजे ग्वांगझोउ पहुंचेगी। इस सेवा में बोइंग 737 श्रृंखला के विमान इस्तेमाल किए जाएंगे।
यह रूट केवल एक नई उड़ान नहीं है, बल्कि उस नेटवर्क का हिस्सा है जिसे महामारी और उसके बाद बने भू-राजनीतिक तनावों के कारण लंबे समय तक बाधित रहना पड़ा था। अब जैसे-जैसे प्रत्यक्ष संपर्क बहाल हो रहा है, एयरलाइंस अपनी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से फिर से सक्रिय कर रही हैं।
भारत-चीन हवाई संपर्क की बहाली का महत्व
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानें निलंबित हो गई थीं। बाद में सीमा-पार तनाव और अन्य कूटनीतिक कारणों से यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही। ऐसे में ग्वांगझोउ-दिल्ली सेवा की वापसी दोनों देशों के बीच यात्रा, व्यापारिक आवागमन और कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चाइना सदर्न एयरलाइंस दक्षिण एशिया में आठ राउंड-ट्रिप रूटों पर प्रति सप्ताह 100 से अधिक उड़ानें संचालित करेगी। भारत-चीन सेवाओं को फिर से शुरू या विस्तार देने वाली अन्य कंपनियों में एयर चाइना, चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस और इंडिगो शामिल हैं। इससे संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय हवाई नेटवर्क धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- चाइना सदर्न एयरलाइंस चीन की प्रमुख एयरलाइनों में से एक है और इसका मुख्यालय ग्वांगझोउ, ग्वांगडोंग प्रांत में है।
- ग्वांगझोउ बाययुन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा चीन के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में गिना जाता है।
- इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नई दिल्ली को सेवा देता है और भारत के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल है।
- BRICS में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।
ग्वांगझोउ-दिल्ली उड़ानों की वापसी भारत-चीन संबंधों में पूर्ण सामान्यीकरण का संकेत भले न हो, लेकिन यह प्रत्यक्ष संपर्क की दिशा में एक ठोस और व्यावहारिक कदम जरूर है।