दिल्ली में 400 यूनिट तक खपत वाले घरों को मुफ्त रूफटॉप सोलर का लाभ

दिल्ली में 400 यूनिट तक खपत वाले घरों को मुफ्त रूफटॉप सोलर का लाभ

दिल्ली सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर को और आसान बनाते हुए दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी, 2023 में दूसरा संशोधन मंजूर किया है। इसके तहत 2025-26 में औसतन 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत वाले घरों को 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम शून्य अग्रिम लागत पर उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का उद्देश्य राजधानी में छतों पर सौर ऊर्जा की स्थापना बढ़ाना और बिजली बिल पर निर्भरता कम करना है।

क्या है नई व्यवस्था

नई व्यवस्था के अनुसार पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगाने के लिए शुरुआत में कोई भुगतान नहीं करना होगा। योजना में केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर सब्सिडी और राज्य सरकार की समान सब्सिडी को जोड़ा गया है। दोनों मिलाकर प्रति सिस्टम ₹78,000 + ₹78,000 की सहायता मिलेगी, जबकि शेष लागत को दिल्ली सरकार के अतिरिक्त टॉप-अप से कवर किया जाएगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पात्र उपभोक्ताओं को घरेलू बिजली सब्सिडी का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा। यानी सोलर से होने वाली बचत और मौजूदा बिजली सब्सिडी, दोनों का फायदा एक साथ मिल सकता है।

किसे मिलेगा लाभ और कैसे बदलेगी प्रक्रिया

योजना का लाभ उन घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनकी औसत मासिक खपत 400 यूनिट तक है। इसके लिए मानक सिस्टम साइज 3 किलोवाट तय किया गया है। यह क्षमता आमतौर पर शहरी घरों की जरूरतों के अनुरूप मानी जाती है और कई केंद्रीय सब्सिडी योजनाओं में भी इसी स्तर का सिस्टम प्रचलित है।

दिल्ली सरकार ने नेट मीटरिंग की मंजूरी प्रक्रिया को भी तेज किया है। अब आवासीय नेट-मीटरिंग अनुमोदन का समय 75 दिन से घटाकर 25 दिन कर दिया गया है। साथ ही 10 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम के लिए पंजीकरण शुल्क भी माफ कर दिया गया है।

क्यों अहम है यह फैसला

रूफटॉप सोलर से घर अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर बिल में क्रेडिट भी पा सकते हैं। इसी व्यवस्था को नेट मीटरिंग कहा जाता है। दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में छतों का उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए करना बिजली मांग के दबाव को कम करने का व्यावहारिक तरीका माना जा रहा है।

योजना को लागू करने के लिए विक्रेताओं पर भी जिम्मेदारी तय की गई है। उन्हें स्थापना के बाद पहले पांच वर्षों तक मुफ्त संचालन और रखरखाव सेवा देनी होगी। इससे उपभोक्ताओं पर शुरुआती तकनीकी बोझ कम होगा और सिस्टम की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • पीएम सूर्य घर केंद्र सरकार की घरेलू रूफटॉप सोलर योजना है।
  • नेट मीटरिंग में उपभोक्ता अतिरिक्त सौर बिजली ग्रिड को भेजकर बिल में समायोजन पा सकता है।
  • 3 किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम भारत की कई सब्सिडी योजनाओं में सामान्य घरेलू क्षमता मानी जाती है।
  • दिल्ली ने मार्च 2027 तक 2.30 लाख छतों पर सोलर सिस्टम लगाने और 500 मेगावाट क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा है।

कुल मिलाकर, दिल्ली की यह पहल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे बिजली बिल में राहत, स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार और राजधानी में विकेंद्रीकृत ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Originally written on September 2, 2026 and last modified on September 2, 2026.

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