दक्षिण सूडान में भारतीय शांति सैनिकों को मिला संयुक्त राष्ट्र पदक
दक्षिण सूडान की राजधानी जुबा में 17 अगस्त 2026 को संयुक्त राष्ट्र मिशन में तैनात 210 भारतीय शांति सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया गया। इनमें छह महिला कर्मी और सात स्टाफ अधिकारी शामिल थे। यह सम्मान संयुक्त राष्ट्र मिशन इन साउथ सूडान (UNMISS) के तहत सेवा दे रहे भारतीय दल को मिला, जो शांति स्थापना अभियानों में भारत की निरंतर भूमिका को दर्शाता है।
UNMISS में भारत की अहम मौजूदगी
UNMISS की स्थापना 2011 में दक्षिण सूडान की स्वतंत्रता के बाद की गई थी। इसका मुख्य काम नागरिकों की सुरक्षा, मानवीय सहायता को समर्थन देना और देश में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद करना है। ऐसे मिशनों में भारतीय शांति सैनिकों की भूमिका केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे संकटग्रस्त क्षेत्रों में स्थिरता और भरोसा कायम करने में भी योगदान देते हैं।
भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में वर्दीधारी कर्मियों का दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। 2026 में दुनिया भर में 4,200 से अधिक भारतीय सैन्य और पुलिसकर्मी तैनात थे, जिनमें 155 महिलाएं शामिल थीं। यह तथ्य भारत की बहुस्तरीय और दीर्घकालिक शांति-समर्थक नीति को रेखांकित करता है।
संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना में भारत की विरासत
संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना की शुरुआत 1948 में मध्य पूर्व में तैनात पहले सैन्य पर्यवेक्षकों से मानी जाती है। आज ये मिशन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिकार क्षेत्र में संचालित होते हैं। भारत ने 1948 के बाद से बने 71 में से 49 संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में 2 लाख से अधिक कर्मियों का योगदान दिया है।
इस सेवा के दौरान 160 से अधिक भारतीय शांति सैनिक संयुक्त राष्ट्र ध्वज के नीचे अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं। यह आंकड़ा भारत की उस परंपरा को सामने लाता है, जिसमें वह वैश्विक शांति, मानवीय सहायता और बहुपक्षीय सहयोग को लगातार समर्थन देता रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- संयुक्त राष्ट्र पदक उन कर्मियों को दिया जाता है जो UN शांति अभियानों या संबंधित मिशनों में सेवा देते हैं।
- UNMISS का पूरा नाम United Nations Mission in South Sudan है।
- UNISFA, यानी United Nations Interim Security Force for Abyei, अफ्रीका में एक अन्य संयुक्त राष्ट्र मिशन है।
- अबीई क्षेत्र सूडान और दक्षिण सूडान के बीच एक विवादित इलाका है, जहां UNISFA तैनात है।
जुबा में मिला यह सम्मान भारतीय शांति सैनिकों के अनुशासन, सेवा-भाव और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी का प्रतीक है। दक्षिण सूडान जैसे संवेदनशील क्षेत्र में उनकी उपस्थिति संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारत की विश्वसनीय भूमिका को और मजबूत करती है।