दक्षिणी सीरिया में इज़राइल की ‘सूफा 53’ लाइन से बढ़ा तनाव
दक्षिणी सीरिया के क़ुनैतरा इलाके में इज़राइल की ‘सूफा 53’ परियोजना, जिसे ‘ग्रेट स्टॉर्म’ या ‘सूफा लाइन’ भी कहा जा रहा है, क्षेत्रीय सुरक्षा और सीमा-नियंत्रण को लेकर नए विवाद का कारण बन गई है। यह एक सैन्य-इंजीनियरिंग परियोजना है, जिसके तहत ग़ोलन हाइट्स के पास अलगाव रेखा के समानांतर पक्की सैन्य सड़क, निगरानी चौकियां, खाइयां और मिट्टी के ऊंचे बांध बनाए जा रहे हैं।
कहां और कैसे आगे बढ़ी परियोजना
यह काम 2022 के मध्य में उत्तरी क़ुनैतरा के हदर क्षेत्र के पास शुरू हुआ और बाद में जुबाता अल-ख़शब, अल-हमिदियाह, क़हतानियाह, बइर अजम, बरीका और अल-अशा तक फैल गया। इसका रुख माउंट हर्मोन की ढलानों और उस त्रि-सीमा क्षेत्र की ओर है, जहां सीरिया, जॉर्डन और इज़राइल की सीमाएं मिलती हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, इस सैन्य मार्ग की चौड़ाई लगभग 8 मीटर है। इसके साथ गहरी खाइयां और 5 मीटर तक ऊंचे मिट्टी के बांध बनाए गए हैं। निर्माण कार्य में सैन्य बुलडोज़र और भारी मशीनों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह साफ है कि परियोजना केवल गश्त के लिए नहीं, बल्कि स्थायी सैन्य मौजूदगी को मजबूत करने के लिए तैयार की जा रही है।
1974 की व्यवस्था और कानूनी विवाद
इस परियोजना पर सीरिया ने कड़ी आपत्ति जताई है। दमिश्क का कहना है कि यह 1974 के डिसएंगेजमेंट समझौते और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। यह समझौता 1973 के अरब-इज़राइल युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच युद्धविराम और अलगाव की रूपरेखा तय करने के लिए किया गया था।
दक्षिणी सीरिया का यह क्षेत्र संयुक्त राष्ट्र डिसएंगेजमेंट ऑब्जर्वर फोर्स (UNDOF) की निगरानी में आता है, जिसे 1974 में ग़ोलन मोर्चे पर युद्धविराम रेखा की निगरानी के लिए बनाया गया था। सीरियाई दावों के मुताबिक, कुछ स्थानों पर इज़राइली सैनिक अलगाव क्षेत्र में 300 से 1,000 मीटर तक आगे बढ़े हैं, जिससे स्थानीय लोगों की कृषि भूमि प्रभावित हुई है।
क्षेत्रीय असर और सुरक्षा संदेश
यह परियोजना केवल एक सड़क या सीमा-निर्माण का मामला नहीं है, बल्कि पश्चिम एशिया में बदलते सुरक्षा समीकरणों का संकेत भी देती है। ग़ोलन हाइट्स पर इज़राइल का नियंत्रण पहले से विवादित रहा है, और अब दक्षिणी सीरिया में इस तरह की इंजीनियरिंग गतिविधियां तनाव को और बढ़ा रही हैं।
हाल के महीनों में इज़राइल ने दिसंबर 2024 के बाद बफर ज़ोन के भीतर और आसपास अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है। 4 अक्टूबर 2026 को क़तर, जॉर्डन और कुवैत ने इस काम की निंदा की, जबकि 5 अक्टूबर 2026 को इज़राइली सेना ने एक व्यक्ति के आईडीएफ पोस्ट में घुसने की कोशिश के दौरान उसे मार गिराने की बात कही।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ग़ोलन हाइट्स पर इज़राइल ने 1967 के छह दिवसीय युद्ध में कब्जा किया था।
- 1974 का डिसएंगेजमेंट समझौता इज़राइली और सीरियाई बलों के बीच अलगाव रेखा स्थापित करता है।
- UNDOF की स्थापना 1974 में ग़ोलन सेक्टर में युद्धविराम की निगरानी के लिए की गई थी।
- माउंट हर्मोन सीरिया, लेबनान और इज़राइल-नियंत्रित ग़ोलन हाइट्स के संगम के पास स्थित है।
‘सूफा 53’ परियोजना ने दक्षिणी सीरिया में सीमा, संप्रभुता और सैन्य नियंत्रण के सवालों को फिर से केंद्र में ला दिया है। आने वाले समय में यह मुद्दा क्षेत्रीय कूटनीति और सुरक्षा बहस में और अधिक अहम हो सकता है।