तमिलनाडु के बजट में स्कूल शिक्षा को मिला बड़ा फोकस
तमिलनाडु सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के अपने पहले बजट में स्कूल शिक्षा विभाग के लिए ₹44,527 करोड़ का प्रावधान किया है। 5 अगस्त 2026 को वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने बजट पेश किया, जिसमें स्कूल शिक्षा को राज्य के सबसे बड़े व्यय शीर्षों में शामिल किया गया। यह आवंटन बताता है कि सरकार ने बुनियादी शिक्षा, स्कूल ढांचे और छात्र सुविधाओं को प्राथमिकता दी है।
स्कूल शिक्षा पर सबसे बड़ा दांव
राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के बजट में सरकारी स्कूलों का संचालन, शिक्षक भर्ती, स्कूल भवनों का रखरखाव, प्रयोगशालाएं, स्वच्छता और डिजिटल सुविधाएं शामिल होती हैं। तमिलनाडु जैसे बड़े राज्य में सरकारी स्कूलों की भूमिका बहुत अहम है, इसलिए इस क्षेत्र में भारी आवंटन का सीधा असर लाखों विद्यार्थियों और शिक्षकों पर पड़ता है।बजट में शिक्षा व्यय को केवल वेतन या प्रशासन तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि स्कूलों की भौतिक स्थिति और सीखने के माहौल को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया है। यह रुझान राज्य की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
10,000 स्कूलों के लिए ‘सुपर क्लीन, सुपर कैंपस’
सरकार ने पहले चरण में 10,000 स्कूलों के लिए ‘सुपर क्लीन, सुपर कैंपस’ कार्यक्रम की घोषणा की है। इस योजना पर ₹139 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्कूल परिसरों की स्वच्छता, सुरक्षा और बुनियादी रखरखाव को बेहतर बनाना है।ऐसी पहलें खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि स्कूलों में साफ-सफाई, परिसर की देखरेख और सुरक्षित वातावरण सीधे छात्र उपस्थिति और सीखने की गुणवत्ता से जुड़े होते हैं। राज्य सरकार का यह कदम स्कूल स्तर पर रोजमर्रा की सुविधाओं को सुधारने की दिशा में एक व्यावहारिक प्रयास माना जा सकता है।
3,734 सरकारी स्कूलों का आधुनिकीकरण
बजट में 3,734 राज्य-चालित स्कूलों के आधुनिकीकरण के लिए ₹300 करोड़ अलग से रखे गए हैं। आम तौर पर ऐसे आधुनिकीकरण कार्यों में मरम्मत, कक्षाओं का उन्नयन, शौचालय, पेयजल सुविधा और अन्य बुनियादी ढांचा सुधार शामिल होते हैं।तमिलनाडु में सरकारी स्कूल सार्वजनिक शिक्षा नेटवर्क का बड़ा हिस्सा हैं, इसलिए उनके आधुनिकीकरण का असर व्यापक स्तर पर दिखाई दे सकता है। राज्य बजटों में शिक्षा पर खर्च को अक्सर वेतन, ढांचा और छात्र कल्याण जैसे अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाता है, ताकि प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से दिखाया जा सके।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- शिक्षा भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची में राज्य सूची का विषय है।
- राज्य बजट हर वर्ष वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।
- तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई है और यह दक्षिण भारत का एक प्रमुख राज्य है।
- सरकारी स्कूलों के बजट में आमतौर पर भवन, कक्षाएं, शौचालय, पेयजल, प्रयोगशालाएं और डिजिटल सुविधाएं शामिल होती हैं।
बजट में राज्य ने 2031 तक तमिलनाडु को $1.5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य भी रखा है। साथ ही, सरकार ने उच्च ऋण बोझ का उल्लेख करते हुए कहा है कि चुनावी वादों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।