तन्वी पत्री ने युवा ओलंपिक में रचा भारतीय बैडमिंटन का नया इतिहास
ओडिशा की 15 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पत्री ने डकार युवा ओलंपिक में महिला एकल के फाइनल में जगह बनाकर भारतीय खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है। 4 नवंबर 2026 को मिली इस उपलब्धि के साथ वह युवा ओलंपिक बैडमिंटन फाइनल तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। फाइनल में पहुंचने से भारत का इन खेलों में महिला एकल बैडमिंटन पदक भी सुनिश्चित हो गया है।
लगातार दो मुकाबले जीतकर फाइनल में पहुंचीं
तन्वी ने क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड की सातवीं वरीय खिलाड़ी ककानिक कुंगकाएव को 21-17, 21-13 से हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में जापान की दूसरी वरीय युजुनो वातानाबे के खिलाफ उन्हें कड़ा मुकाबला करना पड़ा। तन्वी ने पहला गेम 21-14 से जीता, दूसरा 11-21 से गंवाया और निर्णायक गेम 21-19 से अपने नाम किया। दोनों मुकाबले 4 नवंबर को खेले गए।
अब फाइनल में उनका सामना चीन की यी शिन झांग से होगा, जो मौजूदा विश्व जूनियर चैंपियन हैं। तन्वी की जीत उन्हें युवा ओलंपिक में बैडमिंटन एकल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बना सकती है। फाइनल का नतीजा चाहे जो हो, उनका प्रदर्शन भारतीय महिला बैडमिंटन के लिए ऐतिहासिक है।
जूनियर स्तर पर पहले भी दिखा चुकी हैं दम
डकार में तन्वी की सफलता उनके पिछले प्रदर्शन की अगली कड़ी है। वह एशियाई अंडर-15 और अंडर-17 चैंपियनशिप, दोनों जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बनी थीं। वह बेंगलुरु स्थित सेंटर फॉर एक्सीलेंस में प्रशिक्षण लेती हैं और युवा ओलंपिक में भारत के 17 सदस्यीय दल का हिस्सा हैं।
तन्वी से पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ियों ने भी इन खेलों में बैडमिंटन के अंतिम चरण तक पहुंच बनाई थी। एच.एस. प्रणय और लक्ष्य सेन ने क्रमशः 2010 और 2018 में रजत पदक जीते, जबकि आदित्य जोशी 2014 में सेमीफाइनल तक पहुंचे थे। तन्वी का फाइनल तक पहुंचना इस सिलसिले में भारतीय महिला खिलाड़ी की पहली उपलब्धि है।
युवा ओलंपिक में खेल के साथ शिक्षा पर भी जोर
युवा ओलंपिक अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति का ऐसा आयोजन है, जिसमें खेल प्रतियोगिताओं के साथ संस्कृति और शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां भी शामिल रहती हैं। इसका उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित न रखकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सीखने के अवसर देना भी है। कुछ स्पर्धाओं में अलग-अलग देशों के महिला और पुरुष खिलाड़ी एक ही टीम में हिस्सा लेते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
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- डकार, सेनेगल की राजधानी है और यह युवा ओलंपिक का मेजबान शहर है।
- युवा ओलंपिक में खिलाड़ियों की आयु प्रतियोगिता वर्ष की 31 दिसंबर की स्थिति के अनुसार तय की जाती है।
- प्रतिभागियों का चयन अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति और संबंधित अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों के नियमों के तहत होता है।
- यूनिवर्सैलिटी स्थानों के जरिए कम प्रतिनिधित्व वाले देशों के खिलाड़ियों को कुछ प्रतियोगिताओं में अवसर दिया जाता है।
तन्वी पत्री की उपलब्धि भारत के महिला बैडमिंटन को युवा स्तर पर नई पहचान देती है। अब उनकी नजर फाइनल में स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश करने पर होगी।