तंगलांग ला पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेल स्टेशन बनाने की योजना
भारत की प्रस्तावित बिलासपुर–मनाली–लेह रेल लाइन पर तंगलांग ला दर्रे के नीचे लगभग 5,256 मीटर की ऊंचाई पर स्टेशन बनाने की योजना है। निर्माण होने पर यह चीन के तांगगुला स्टेशन को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन बन सकता है। यह रेल संपर्क हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर को लद्दाख के लेह से जोड़ेगा।
सामरिक दृष्टि से अहम रेल परियोजना
लगभग 489 किलोमीटर लंबी यह चौड़ी पटरी वाली रेल लाइन लद्दाख तक पहुंच को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित है। रक्षा मंत्रालय ने इसे सामरिक महत्व की परियोजना के रूप में चिह्नित किया है। इसकी अनुमानित लागत करीब 1.31 लाख करोड़ रुपये है और मार्ग का लगभग 270 किलोमीटर हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरने की संभावना है। रेल मंत्रालय के अनुसार, परियोजना का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार है।
ऊंचाई के अनुमान में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। मौजूदा योजना में तंगलांग ला के नीचे प्रस्तावित स्टेशन की ऊंचाई करीब 5,256 मीटर बताई गई है, जबकि कुछ पुरानी रिपोर्टों में मार्ग के सर्वोच्च बिंदु या स्टेशन के लिए लगभग 5,359 से 5,360 मीटर का आंकड़ा दिया गया था। इसलिए अंतिम ऊंचाई परियोजना के आधिकारिक विवरण से स्पष्ट होगी।
लेह तक प्रस्तावित मार्ग और निर्माण की चुनौतियां
प्रस्तावित रेलमार्ग सुंदरनगर, मंडी, मनाली, सिस्सू, दारचा, केलांग, सरचू, पांग, रुमत्से, उपशी और खरू से होकर लेह पहुंचेगा। ऊंचे पर्वतीय भूभाग, कठिन मौसम और लंबी सुरंगों के कारण इस मार्ग का निर्माण इंजीनियरिंग की बड़ी चुनौती होगा। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने अक्टूबर 2026 में संबंधित 63 किलोमीटर रेलखंड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक अधिसूचना को कानूनी प्रक्रियाओं के पालन में कमी के आधार पर रद्द कर दिया था।
सामरिक आवाजाही और यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था
योजना में मार्ग के स्टेशनों पर सैन्य लूप लाइनें रखने का प्रावधान है, ताकि सैनिकों और सैन्य उपकरणों की आवाजाही में सुविधा हो। अत्यधिक ऊंचाई पर यात्रा के अनुकूल डिब्बों को गर्म रखने और उनमें दबाव बनाए रखने की योजना है, जिससे ऑक्सीजन का स्तर संभालने में मदद मिले। प्रस्तावित डिब्बों में शयनयान श्रेणी की सीटें शामिल नहीं होंगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- बिलासपुर–लेह रेलमार्ग की प्रस्तावित लंबाई लगभग 489 किलोमीटर है।
- इस रेल परियोजना को सामरिक महत्व का माना गया है; मार्ग पर सैन्य आवाजाही के लिए लूप लाइनें प्रस्तावित हैं।
- तंगलांग ला स्टेशन की प्रस्तावित ऊंचाई लगभग 5,256 मीटर है, जबकि चीन का तांगगुला स्टेशन करीब 5,068 मीटर पर स्थित है।
- योजना में रेलमार्ग को विद्युतीकृत और हर मौसम में उपयोग योग्य बनाने का लक्ष्य है।
परियोजना पूरी होने पर लद्दाख तक रेल संपर्क मजबूत हो सकता है और क्षेत्र में नागरिक तथा सामरिक आवाजाही को नया विकल्प मिलेगा। हालांकि, इसकी समयसीमा और अंतिम तकनीकी विवरण अभी प्रस्तावित योजना के अनुसार हैं।