नर्मला लक्ष्मण की पुस्तक को शारजाह में अंतरराष्ट्रीय सम्मान
नर्मला लक्ष्मण की पुस्तक The Tamils: A Portrait of a Community को 4 नवंबर 2026 को सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय गैर-काल्पनिक पुस्तक का शारजाह पुरस्कार मिला। यह सम्मान तमिल समुदाय के इतिहास, समाज और संस्कृति पर केंद्रित पुस्तक के लिए दिया गया।
शारजाह पुस्तक मेले में मिला सम्मान
शारजाह पुस्तक प्राधिकरण की अध्यक्ष शेखा बुदूर बिन्त सुल्तान अल कासिमी ने लक्ष्मण को पुरस्कार प्रदान किया। यह श्रेणी शारजाह अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला पुरस्कारों का हिस्सा है। इसके तहत अंग्रेजी में प्रकाशित उल्लेखनीय गैर-काल्पनिक पुस्तकों को सम्मानित किया जाता है।
तमिल समुदाय की बहुआयामी पड़ताल
एलेफ बुक कंपनी से जनवरी 2025 में प्रकाशित यह पुस्तक तमिल लोगों के इतिहास और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन को कई शताब्दियों के संदर्भ में देखती है। इसमें तमिल समुदाय के विकास के साथ भौगोलिक सीमाओं से परे उसके प्रभाव की भी पड़ताल की गई है। प्रकाशन के बाद पुस्तक की कई हजार प्रतियां बिक चुकी हैं।
लेखिका और तमिल साहित्य की पृष्ठभूमि
नर्मला लक्ष्मण लेखिका और पत्रकार हैं तथा द हिंदू समूह की निदेशक हैं। पुस्तक का विषय तमिल साहित्य और इतिहास की समृद्ध परंपरा से जुड़ता है। तमिल को भारत की पहली शास्त्रीय भाषा का दर्जा 2004 में दिया गया था। शास्त्रीय भाषा के निर्धारण में प्राचीनता, पुरानी साहित्यिक विरासत और विशिष्ट साहित्यिक परंपरा जैसे पहलुओं पर विचार किया जाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- तमिल को 2004 में भारत की पहली शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिला।
- संगम साहित्य को परंपरागत रूप से ‘एट्टुत्तोकै’ यानी आठ संकलनों और ‘पट्टुप्पाट्टु’ यानी दस गीतों में बाँटा जाता है।
- शास्त्रीय तमिल कविता में ‘अकम’ का संबंध आंतरिक जीवन, विशेषकर प्रेम से है; ‘पुरम’ सार्वजनिक जीवन, युद्ध और प्रशस्ति जैसे विषयों से जुड़ा है।
- संगम कविता में अलग-अलग भूदृश्यों के आधार पर काव्य-विषयों और परंपराओं का वर्गीकरण मिलता है।
यह पुरस्कार तमिल समुदाय के इतिहास और सांस्कृतिक योगदान को अंतरराष्ट्रीय पाठकों तक पहुँचाने वाली पुस्तक को मिली पहचान को रेखांकित करता है।