अलेक्जेंडर की जीवनी ने बैली गिफर्ड गैर-काल्पनिक पुरस्कार जीता
एडमंड रिचर्डसन की पुस्तक अलेक्जेंडर: गॉड, किंग, मैन ने 4 नवंबर 2026 को बैली गिफर्ड गैर-काल्पनिक पुरस्कार जीता। लंदन में आयोजित समारोह में उन्हें 50,000 पाउंड की पुरस्कार राशि प्रदान की गई, जो लगभग 67,000 अमेरिकी डॉलर के बराबर है।
अलेक्जेंडर के जीवन पर दशक भर का शोध
डरहम विश्वविद्यालय में क्लासिक्स के प्रोफेसर रिचर्डसन ने सिकंदर महान के जीवन पर एक दशक से अधिक समय तक शोध किया। इस दौरान उन्होंने 12 प्राचीन भाषाओं के स्रोतों का अनुवाद किया। निर्णायक मंडल की अध्यक्ष कर्स्टी लैंग ने पुस्तक को गहन और उपन्यास जैसी पठनीय बताया। उन्होंने इसके नए शोध और पुरातात्विक खोजों को भी उल्लेखनीय माना।
प्राचीन इतिहास की पुस्तक की खास उपलब्धि
1999 में पुरस्कार शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब प्राचीन इतिहास पर लिखी किसी पुस्तक ने यह सम्मान हासिल किया है। इस वर्ष पुरस्कार के लिए 350 से अधिक पुस्तकें विचाराधीन थीं। विजेता पुस्तक ने अंतिम सूची में शामिल पांच अन्य पुस्तकों को पीछे छोड़ा। इनमें पैट्रिक रैडेन कीफ की लंदन फॉलिंग, निकोलस बोग्स की बाल्डविन: अ लव स्टोरी, मैथ्यू स्वीट की द ग्रेट डिक्टेटर, आनंद गोपाल की डेज़ ऑफ लव एंड रेज और एंड्रिया वुल्फ की द ट्रैवलर शामिल थीं।
पुरस्कार की पात्रता और चयन प्रक्रिया
बैली गिफर्ड पुरस्कार गैर-काल्पनिक पुस्तकों को दिया जाता है। इसमें किसी भी देश के लेखक भाग ले सकते हैं, बशर्ते उनकी पुस्तक ब्रिटेन में अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित हुई हो। लंबी सूची, अंतिम सूची और विजेता का चयन स्वतंत्र निर्णायक मंडल करता है। मंडल की सदस्यता हर वर्ष बदलती है। पुरस्कार का संचालन एक गैर-लाभकारी कंपनी के निदेशक मंडल की देखरेख में होता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- बैली गिफर्ड गैर-काल्पनिक साहित्य के लिए दिया जाने वाला पुरस्कार है।
- इस पुरस्कार की शुरुआत 1999 में हुई थी।
- पात्रता के लिए लेखक की राष्ट्रीयता तय नहीं है, लेकिन पुस्तक का ब्रिटेन में अंग्रेजी में प्रकाशित होना आवश्यक है।
- पुरस्कार विजेता का चयन हर वर्ष बदलने वाला स्वतंत्र निर्णायक मंडल करता है।
रिचर्डसन की जीत प्राचीन इतिहास लेखन में नए शोध और पुरातात्विक साक्ष्यों के महत्व को रेखांकित करती है। यह सम्मान सिकंदर महान के जीवन पर केंद्रित उनकी विस्तृत पड़ताल को व्यापक पहचान देता है।