गुयाना के साथ भारत की 500 मिलियन डॉलर की ऋण साझेदारी
भारत ने गुयाना के लिए 500 मिलियन डॉलर की ऋण सुविधा बढ़ाने की घोषणा की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 5 नवंबर 2026 को सेंट जॉन्स, एंटीगुआ और बारबुडा में राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक के दौरान गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली से मुलाकात में यह जानकारी दी। इस सहयोग का उद्देश्य गुयाना में सार्वजनिक और रक्षा क्षेत्र से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
ऋण सुविधा का उपयोग किन क्षेत्रों में होगा
प्रस्तावित ऋण सुविधा से सड़क निर्माण, स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और रक्षा पहलों को सहायता मिलेगी। ऋण-सीमा उपलब्ध कराना अनुदान देने से अलग है: आम तौर पर संबंधित देश जरूरत के अनुसार इसमें से राशि निकालता है और ब्याज की शर्तें निकाली गई रकम पर लागू होती हैं। परियोजनाओं का वास्तविक दायरा और क्रियान्वयन संबंधित समझौतों तथा योजनाओं पर निर्भर करेगा।
यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नवंबर 2024 में गुयाना यात्रा के बाद भारत-गुयाना सहयोग को आगे बढ़ाने की कड़ी है। दोनों देशों के संबंधों में विकास परियोजनाओं के साथ-साथ डिजिटल तकनीक और उद्यमिता को भी अहमियत दी जा रही है।
डिजिटल और लघु उद्योगों में सहयोग
भारत और गुयाना ने सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से जुड़ी विनिर्माण परियोजनाओं की आपूर्ति और स्थापना, त्वरित प्रभाव वाली परियोजनाओं के लिए अनुदान सहायता तथा डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना में सहयोग से जुड़े समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए। ये पहलें ऋण सुविधा से अलग सहयोग के माध्यम हैं।
डिजिटल सहयोग का एक प्रमुख लक्ष्य गुयाना में भारत की एकीकृत भुगतान प्रणाली जैसी व्यवस्था लागू करने में मदद करना है। ऐसी प्रणाली से बैंक खातों के बीच तत्काल भुगतान और व्यक्ति से व्यापारी को भुगतान संभव हो सकता है। हालांकि, गुयाना में इसे लागू करने का स्वरूप वहां की जरूरतों और व्यवस्था के अनुरूप तय होगा।
भारत-गुयाना सहयोग का व्यापक महत्व
सड़क, स्वास्थ्य और रक्षा जैसे क्षेत्रों में निवेश से गुयाना की बुनियादी सेवाओं और संस्थागत क्षमता को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। वहीं, लघु उद्यमों और डिजिटल भुगतान पर सहयोग विकास साझेदारी को केवल बड़े निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रखता। ऋण, अनुदान और तकनीकी सहयोग के इन अलग-अलग माध्यमों से दोनों देशों के बीच आर्थिक तथा विकास संबंधों का दायरा बढ़ता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- गुयाना दक्षिण अमेरिका में स्थित है और इसकी राजधानी जॉर्जटाउन है।
- गुयाना राष्ट्रमंडल का सदस्य है; राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक इसके सदस्य देशों के नेताओं का मंच है।
- एकीकृत भुगतान इंटरफेस भारत की तत्काल डिजिटल भुगतान प्रणाली है, जो बैंक खातों के बीच लेन-देन की सुविधा देती है।
- ऋण-सीमा में उपलब्ध पूरी राशि तत्काल उधार नहीं मानी जाती; उधारकर्ता जरूरत के अनुसार उसमें से रकम निकाल सकता है।
यह पहल भारत की विकास साझेदारी में बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण के साथ डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं और लघु उद्यमों के सहयोग को भी जोड़ती है।