डेविड एटनबरो ने मनाया 100वां जन्मदिन
प्रसिद्ध ब्रिटिश प्रसारक, प्रकृतिविद् और लेखक सर डेविड एटनबरो ने ८ मई २०२६ को अपना १००वां जन्मदिन मनाया। वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति आधारित वृत्तचित्रों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध एटनबरो को पर्यावरण जागरूकता का एक प्रमुख चेहरा माना जाता है। उनके शताब्दी वर्ष के अवसर पर विभिन्न देशों और संस्थाओं ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किए।
बीबीसी का विशेष समारोह
डेविड एटनबरो के १००वें जन्मदिन पर बीबीसी ने लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस समारोह में वन्यजीवों से जुड़ी कहानियां, संगीत प्रस्तुतियां और अनेक सार्वजनिक श्रद्धांजलियां शामिल थीं। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रकृति संरक्षण के प्रति एटनबरो के योगदान को सम्मान देना था।
प्राकृतिक इतिहास और नई प्रजाति का नामकरण
लंदन के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम ने हाल ही में खोजी गई एक परजीवी ततैया की प्रजाति का नाम ‘एटनबरोनकुलस टाउ’ रखा है। यह नामकरण डेविड एटनबरो के सम्मान में किया गया। संग्रहालय में ‘आवर स्टोरी विद डेविड एटनबरो’ नामक एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है, जो अगस्त २०२६ तक चलेगी।
वन्यजीव संरक्षण में योगदान
डेविड एटनबरो का कार्य वैश्विक संरक्षण अभियानों से गहराई से जुड़ा रहा है। उनकी १९७९ की प्रसिद्ध श्रृंखला ‘लाइफ ऑन अर्थ’ में रवांडा के गोरिल्लाओं के साथ उनका दृश्य विश्वभर में चर्चित हुआ। इसके बाद पर्वतीय गोरिल्ला संरक्षण को व्यापक समर्थन मिला। दशकों के संरक्षण प्रयासों के बाद पर्वतीय गोरिल्लाओं की संख्या लगभग २५० से बढ़कर १,००० से अधिक हो गई है।
जलवायु परिवर्तन पर सक्रिय भूमिका
एटनबरो ने २०२१ में आयोजित कॉप-२६ जलवायु सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन पर महत्वपूर्ण संदेश दिया था। १०० वर्ष की आयु पार करने के बाद भी वे पर्यावरण और जलवायु से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। उनके कार्य ने दुनिया भर में पर्यावरण शिक्षा और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” डेविड एटनबरो का जन्म ८ मई १९२६ को यूनाइटेड किंगडम में हुआ था। ” ‘लाइफ ऑन अर्थ’ वृत्तचित्र श्रृंखला पहली बार १९७९ में प्रसारित हुई थी। ” पर्वतीय गोरिल्ला मध्य अफ्रीका के विरुंगा पर्वत और ब्विंडी अभेद्य राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाते हैं। ” कॉप-२६ संयुक्त राष्ट्र का २६वां जलवायु परिवर्तन सम्मेलन था, जो २०२१ में ग्लासगो में आयोजित हुआ। डेविड एटनबरो को आधुनिक युग में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता है। उनके वृत्तचित्रों और संदेशों ने करोड़ों लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया है। उनका शताब्दी वर्ष केवल एक जन्मदिन नहीं, बल्कि पृथ्वी और जैव विविधता के प्रति समर्पित जीवन का उत्सव भी है।