ट्रीसा-गायत्री ने रचा इतिहास, भारत को विश्व बैडमिंटन में एक और पदक

ट्रीसा-गायत्री ने रचा इतिहास, भारत को विश्व बैडमिंटन में एक और पदक

नई दिल्ली में खेले जा रहे बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप 2026 में ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने महिला युगल के सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए पदक पक्का कर दिया। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 21 अगस्त 2026 को इस भारतीय जोड़ी ने चीन की चौथी वरीय जिया यिफान और झांग शुशियान को 69 मिनट तक चले मुकाबले में हराया। यह जीत इसलिए खास है क्योंकि विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए महिला युगल पदक बहुत दुर्लभ रहा है।

बिना वरीयता के भी बड़ी जीत

ट्रीसा और गायत्री इस टूर्नामेंट में अनसीडेड थीं, लेकिन उन्होंने दबाव वाले मुकाबले में शानदार संयम दिखाया। चीन की अनुभवी और वरीय जोड़ी को हराकर उन्होंने न केवल सेमीफाइनल में जगह बनाई, बल्कि भारत के लिए विश्व चैंपियनशिप पदक भी सुनिश्चित कर दिया। यह प्रदर्शन भारतीय महिला युगल बैडमिंटन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

भारत के लिए महिला युगल में दुर्लभ उपलब्धि

विश्व चैंपियनशिप के इतिहास में भारत को महिला युगल में बहुत कम सफलता मिली है। ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद इस प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली भारत की केवल दूसरी महिला युगल जोड़ी बनी हैं। इससे पहले ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने 2011 में कांस्य पदक जीता था। इस तरह 15 साल बाद भारत को इस इवेंट में फिर से बड़ी सफलता मिली है।

भारत की लगातार पदक परंपरा और आगे की चुनौती

भारत ने 2011 से बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के हर संस्करण में कम से कम एक पदक जीता है। 2026 का यह परिणाम इस सिलसिले को 12वीं लगातार प्रतियोगिता तक ले गया। ट्रीसा, जो केरल के कन्नूर से हैं, के लिए यह उपलब्धि व्यक्तिगत रूप से भी अहम है, क्योंकि वह विश्व चैंपियनशिप पदक जीतने वाली पहली मलयाली बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं। अब भारतीय जोड़ी का सामना सेमीफाइनल में लियू शेंगशु और तान निंग से होगा, और यही मुकाबला तय करेगा कि वे फाइनल तक पहुंचती हैं या नहीं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप का आयोजन बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन करता है, जो बैडमिंटन की वैश्विक शासी संस्था है।
  • विश्व चैंपियनशिप में पांच इवेंट होते हैं: पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल।
  • भारत की पहली महिला युगल विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता जोड़ी ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा थी, जिन्होंने 2011 में कांस्य जीता था।
  • नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम ने बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप 2026 की मेजबानी की।

ट्रीसा-गायत्री की यह उपलब्धि भारतीय बैडमिंटन में महिला युगल की बढ़ती ताकत को दिखाती है। अब सभी की नजरें सेमीफाइनल पर हैं, जहां एक और ऐतिहासिक कदम भारत को फाइनल तक पहुंचा सकता है।

Originally written on August 22, 2026 and last modified on August 22, 2026.

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